Advertisements
Advertisements
प्रश्न
क्या तुम्हारे घर में भी पंखा, टी.वी., समाचारपत्र, कुर्सी या किसी और चीज़ को लेकर झगड़े होते हैं?
- तुम्हारे घर के ऐसे झगड़े कौन सुलझाता है?
- अपने घर के ऐसे झगड़ों के बारे में कोई मज़ेदार किस्सा सुनाओ।
- क्या तुमने कहीं और एक ही चीज़ के लिए लोगों को आपस में झगड़ते देखा है? किस बात पर?
उत्तर
हाँ, कभी-कभी मेरे और मेरी बहन में टी.वी. को लेकर झगड़े होते हैं।
-
ऐसे झगड़े हमलोग आपस में ही सुलझा लेते हैं।
- एक बार टी.वी. पर क्रिकेट मैच आ रहा था तथा दूसरे चैनल पर फिल्मफेयर अवार्ड का प्रोग्राम। मैं क्रिकेट मैच देखना चाह रहा था जबकि मेरी बहन फिल्मफेयर अवार्ड का प्रोग्राम देखना चाह रही थी। इसलिए हम दोनों में झगड़ा हो गया। फिर हमदोनों ने मिलकर फैसला किया कि चूँकि फिल्मफेयर अवार्ड का प्रोग्राम एक घंटे में खत्म हो जायेगा इसलिए बहन उस प्रोग्राम को देखेगी तथा ब्रेक के समय मैं मैच का स्कोर देखूँगा। फिल्मफेयर अवार्ड का प्रोग्राम खत्म हो जाने के बाद मैं पूरे मैच को देखूँगा।
- हाँ, कई बार ट्रेनों में सीट के लिए लोगों को आपस में झगड़ते हुए देखा है।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
क्या लड़का-लड़की और आदमी-औरत के लिए अलग-अलग नियम होने चाहिएँ?
सोचो- अगर लड़कियों के लिए बनाए गए नियम, लड़कों पर और लड़कों के लिए बनाए गए नियम लड़कियों पर लागू हों, तो क्या होगा?
एक दिन फली, नाज़ू और उनके दोस्त पिलू मामी के साथ समुद्र तट पर घूमने गए। पानी और रेत में खूब खेलने के बाद बच्चों ने आकाशी झूले में चक्कर लगाए, भेलपूरी खाई और गुब्बारे भी खरीदे। बाद में सभी ने मज़े से ठंडी-ठंडी कुल्फ़ी खाई। कुल्फ़ी वाले ने गलती से सात के बजाए पाँच कुल्फ़ी के ही पैसे माँगे। बच्चों ने सोचा ‘चलो पैसे बच गए।’ पर पिलू मामी ने कुल्फ़ीवाले को सही हिसाब समझाया और सात कुल्फ़ियों के ही पैसे दिए। उस दिन बच्चों ने पिलू मामी से जो बात सीखी, उसे शायद वे कभी नहीं भूलेंगे। |
- अपनी कल्पना से, इस कहानी का अंत बदलकर कॉपी में लिखो।
- क्या तुम्हारे परिवार में भी कोई पिलू मामी की तरह है? कौन?
- अगर पिलू मामी कम पैसे देकर वहाँ से चलीं जातीं, तो बच्चे इस बारे में क्या सोचते? तुम इस बारे में क्या सोचते हो?
क्या तुम अक्षय की दादी-माँ से सहमत हो?
तुम्हारी राय में अक्षय को क्या करना चाहिए?
तुम धोंडू की जगह होते तो क्या करते?
क्या तुम्हारे साथ कभी ऐसा हुआ है कि तुम कुछ करना चाहते हो, पर घर के बड़ों ने मना किया हो?
तुम्हारे घर में ज़रूरी फ़ैसले कौन लेता है? तुम्हें इस बारे में क्या लगता है?
किसका छूना तुम्हें अच्छा नहीं लगा?
सभी का छूना एक जैसा नहीं होता। जब मीना के मामा रितु का हाथ पकड़ते थे, तब उसे अच्छा नहीं लगता था, लेकिन उसे मीना का हाथ पकड़ना अच्छा लगता था। सोच कर बताओ, ऐसा अंतर क्यों था?