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मान लीजिए कि स्वर्ण पन्नी के स्थान पर ठोस हाइड्रोजन की पतली शीट का उपयोग करके आपको ऐल्फा-कण प्रकीर्णन प्रयोग दोहराने का अवसर प्राप्त होता है। - Physics (भौतिक विज्ञान)

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प्रश्न

मान लीजिए कि स्वर्ण पन्नी के स्थान पर ठोस हाइड्रोजन की पतली शीट का उपयोग करके आपको ऐल्फा-कण प्रकीर्णन प्रयोग दोहराने का अवसर प्राप्त होता है। (हाइड्रोजन 14K से नीचे ताप पर ठोस हो जाती है।) आप किस परिणाम की अपेक्षा करते हैं?

टीपा लिहा

उत्तर

हाइड्रोजन परमाणु का नाभिक एक प्रोटॉन है जिसका द्रव्यमान (1.67 x 10-27 kg) α – कण के द्रव्यमान (6.64 x 10-27 kg) की तुलना में कम है। यह हल्का नाभिक भारी α -कण को प्रतिक्षिप्त नहीं कर पाएगा; अतः α-कण सीधे नाभिक की ओर जाने पर भी वापस नहीं लौटेगा और इस प्रयोग में α-कण का बड़े कोणों पर विक्षेपण भी नहीं होगा।

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ऐल्फा कण प्रकीर्णन तथा रदरफोर्ड नाभिकीय मॉडल
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 12: परमाणु - अभ्यास [पृष्ठ ४३७]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Physics [Hindi] Class 12
पाठ 12 परमाणु
अभ्यास | Q 12.2 | पृष्ठ ४३७

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