Advertisements
Advertisements
प्रश्न
मानचित्र प्रक्षेप का वर्गीकरण करने के आधार की विवेचना कीजिए तथा प्रक्षेपों की मुख्य विशेषताएँ बताइए।
थोडक्यात उत्तर
उत्तर
- मानचित्र प्रक्षेप का वर्गीकरण करने के आधार
- बनाने की तकनीक/विधि के आधार पर प्रक्षेपों को सामान्यतः दो वर्गों में विभाजित किया जाता है। संदर्श, असंदर्श तथा रूढ़ अथवा गणितीय प्रक्षेप।
- विकासनीय पृष्ठ के गुणों के आधार पर प्रक्षेपों को बेलनी, शंकु तथा खमध्य प्रक्षेपों में वर्गीकृत किया जाता है।
- भूमंडलीय गुणों के आधार पर प्रक्षेपों को समक्षेत्र प्रक्षेप, यथाकृतिक प्रक्षेप, समदूरस्थ प्रक्षेप में वर्गीकृत किया जाता है।
- प्रकाश के स्रोत की स्थिति के आधार पर प्रक्षेपों को नोमॉनिक, त्रिविम एवं लंबकोणीय प्रक्षेपों में वर्गीकृत किया जाता है।
- ग्लोब की सतह को स्पर्श करने की स्थिति के आधार पर प्रक्षेपों को अभिलंब प्रक्षेप त्रिर्यक प्रक्षेप तथा ध्रुवीय प्रक्षेप में वर्गीकृत किया जाता है।
- प्रक्षेप की मुख्य विशेषताएँ
- यह न तो समक्षेत्र है और न ही शुद्ध आकृति।
- अक्षांश रेखाएँ समान दूरी पर खिंची संकेंद्रीय वृत्तों की चाप होती हैं एवं देशांतर रेखाएँ समान कोणात्मक अन्तरालों पर खिंची अरीय रेखीय होती है।
- केंद्र या ध्रुव से प्रत्येक बिंदु अपनी यथार्थ दूरी पर तथा शुद्ध दिशा में स्थित होता है।
- अक्षांशीय मापक शुद्ध नहीं होता है, यह मानक अक्षांश से परे तेज गति से बढ़ता जाता है। देशांतरीय मापक सर्वत्र शुद्ध रहता है।
shaalaa.com
मानचित्र प्रक्षेप का वर्गीकरण
या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
मानचित्र प्रक्षेप, जो कि विश्व के मानचित्र के लिए न्यूनतम उपयोगी है
एक मानचित्र प्रक्षेप, जो न समक्षेत्र हो एवं न ही शुद्ध आकार वाला हो तथा जिसकी दिशा भी शुद्ध नहीं होती है
मानचित्र प्रक्षेप के तत्वों की व्याख्या कीजिए।
भूमंडलीय संपत्ति से आप क्या समझते हैं?
अन्तर स्पष्ट कीजिए|
विकासनीय एवं अविकासनीय पृष्ठ