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महाराष्ट्र राज्य शिक्षण मंडळएस.एस.सी (इंग्रजी माध्यम) इयत्ता ८ वी

मैंने समझा धरती का आँगन महके कविता से - Hindi (Second/Third Language) [हिंदी (दूसरी/तीसरी भाषा)]

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प्रश्न

मैंने समझा धरती का आँगन महके कविता से 

लघु उत्तर

उत्तर

मनुष्य को अपने कर्म, ज्ञान व विज्ञान से विकास की राह पर आगे बढ़ना चाहिए। विध्वंसक अस्त्र-शस्त्र का निर्माण कर एक-दूसरे के मन में भय उत्पन्न करने की अपेक्षा प्रेम व सहयोग की भावना का निर्माण करना श्रेष्ठ है। यह संपूर्ण धरती एक परिवार है और हम सभी उसके सदस्य हैं। इस भावना में ही संपूर्ण मानवजाति का विकास निहित है।

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उपयोजित / रचनात्मक लेखन (लेखन कौशल)
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पाठ 2.1: धरती का आँगन महके - उपयोजित लेखन [पृष्ठ २६]

APPEARS IN

बालभारती Hindi - Sulabhbharati 8 Standard Maharashtra State Board
पाठ 2.1 धरती का आँगन महके
उपयोजित लेखन | Q 2 | पृष्ठ २६

संबंधित प्रश्‍न

शब्‍दों के आधार पर कहानी लिखो :

ग्रंथालय, स्‍वप्न, पहेली, काँच


मैंने समझा सौहार्द कविता से 


संदर्भ स्रोतों द्‌वारा निम्न रोगों से बचने के लिए दिए जाने वाले टीकों की जानकारी सुनो और संकलित करो :

रोग टीका रोग टीका
तपेदिक(टीबी)  बी.सी.जी टायफॉइड (मोतीझरा) ______
डिप्थीरिया ______ रुबेला ______
खसरा ______ हैपेटाइटिस ए ______
रोटावायरस ______ टिटनस ______

चित्र पहचानकर उनके नाम लिखो:

____________


उल्लेखनीय कार्य ही व्यक्ति को महान बनाते हैं।


जीवन में मॉं का स्थान असाधारण है।


।। जननी-जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी ।।


।। करत-करत अभ्यास के जड़मति होत सुजान ।।


यदि भोजन से नमक गायब हो जाए तो...


।। जीवदया ही भूतदया है ।।


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