मराठी

मनुष्य ईश्वर को क्यों नहीं खोज पाता है? - Hindi Course - A

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

मनुष्य ईश्वर को क्यों नहीं खोज पाता है?

एका वाक्यात उत्तर

उत्तर

मनुष्य ईश्वर को इसलिए नहीं खोज पाता है क्योंकि वह ईश्वर का वास मंदिर-मस्जिद जैसे धर्मस्थलों और काबा-काशी जैसी पवित्र मानी जाने वाली जगहों पर मानता है। वह इन्हीं स्थानों पर ईश्वर को खोजता-फिरता है। वह ईश्वर को अपने भीतर नहीं खोजता है।

shaalaa.com
पद्य (Poetry) (Class 9 A)
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 9: साखियाँ एवं सबद - अतिरिक्त प्रश्न

APPEARS IN

एनसीईआरटी Hindi - Kshitij Part 1 Class 9
पाठ 9 साखियाँ एवं सबद
अतिरिक्त प्रश्न | Q 8

संबंधित प्रश्‍न

रसखान ने ऐसा क्यों कहा है, ‘जो पसु हौं तो कहा बस मेरो’?


सुविधा और मनोरंजन के उपकरणों से बच्चे वंचित क्यों हैं?


बच्चों का काम पर जाना धरती के एक बड़े हादसे के समान क्यों है?


काव्य-सौंदर्य स्पष्ट कीजिए -
तेरे गीत कहावें वाह, रोना भी है मुझे गुनाह!
देख विषमता तेरी-मेरी, बजा रही तिस पर रणभेरी!


कवि जेल के आसपास अन्य पक्षियों का चहकना भी सुनता होगा लेकिन उसने कोकिला की ही बात क्यों की है?


कवि ने किसकी वेदना को बोझ के समान बताया है और क्यों?


कवि को जेल क्यों भेजा गया होगा, अपनी कल्पना के आधार पर लिखिए।


‘मोट चून मैदा भया’ के माध्यम से कबीर क्या कहना चाहते हैं?


निम्न पंक्तियों में कौन-सा अलंकार है?

तिनकों के हरे हरे तन पर

हिल हरित रुधिर है रहा झलक


‘ग्राम श्री’ कविता के आधार पर बताइए कि आकाश कैसा दिखाई दे रहा है?


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×