मराठी
महाराष्ट्र राज्य शिक्षण मंडळSSC (Hindi Medium) इयत्ता ७ वी

मेरी कलम से. भोर होते ही होने वाले परिवर्तनों को अपने शब्दों में लिखो, अड़ोस-पड़ोस का वातावरण, आकाश की स्थिति, गृहिणियों के क्रियाकलाप, बच्चों के व्यवहार - English (Second/Third Language)

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प्रश्न

मेरी कलम से। 

लेखन कौशल्य

उत्तर

"बारिश का आनंदमय दिन"

एक दिन दोपहर में अचानक आसमान में घने काले बादल छा गए। सूरज गायब हो गया, और चारों तरफ हल्की ठंडक का अहसास होने लगा। हवा में एक अजीब-सी ताजगी थी, मानो बारिश की बूंदों ने धरती को छूने का वादा कर लिया हो। थोड़ी ही देर में, मूसलाधार बारिश शुरू हो गई।

बारिश होते ही गली-मोहल्ले की सड़कों पर पानी भर गया। हर तरफ छाते और रेनकोट के रंग-बिरंगे नज़ारे दिखाई देने लगे। कुछ लोग घरों के अंदर खिड़कियों से बारिश का आनंद ले रहे थे, तो कुछ सड़कों पर भीगते हुए दौड़ते नजर आए। बच्चे बेहद खुश थे और बारिश में खेलने के लिए तैयार थे। बारिश की आवाज और वातावरण की ताजगी से हर कोई उत्साहित था।

आकाश पूरी तरह से बादलों से घिरा हुआ था। बिजली की चमक और बादलों की गड़गड़ाहट से वातावरण रोमांचक हो गया। कुछ समय बाद, बारिश की बूंदों के साथ इंद्रधनुष भी दिखा, जिसने बच्चों और बड़ों को एक सुंदर दृश्य का तोहफा दिया

गृहिणियाँ अपने घरों में खिड़कियाँ और दरवाजे बंद करने में व्यस्त हो गईं। उन्होंने जल्दी-जल्दी गीले कपड़े और सामान सुरक्षित जगह पर रखे। किचन से गरमागरम चाय और पकौड़ों की खुशबू फैलने लगी। घर के सभी सदस्य बारिश का आनंद लेते हुए इन स्वादिष्ट व्यंजनों का इंतजार कर रहे थे।

बच्चों की खुशी का ठिकाना नहीं था। वे बारिश की बूंदों में दौड़ने और कागज की नाव बनाकर पानी में तैराने में व्यस्त थे। कुछ बच्चे बारिश में झूमते हुए गा रहे थे। उनके चेहरों पर खुशी और उत्साह साफ झलक रहा था।

इस तरह बारिश ने पूरे माहौल को जीवंत बना दिया। लोगों ने प्रकृति के इस अनमोल तोहफे का भरपूर आनंद लिया। यह बारिश न केवल धरती के लिए, बल्कि हर व्यक्ति के मन को तरोताजा करने का जरिया बन गई।

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पाठ 1.2: गुनगुनाते रहो - स्वाध्याय [पृष्ठ ५]

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बालभारती Integrated 7 Standard Part 1 [Hindi Medium] Maharashtra State Board
पाठ 1.2 गुनगुनाते रहो
स्वाध्याय | Q ९. | पृष्ठ ५
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