मराठी

नाथपंथियों, सिद्धों और योगियों के विश्वासों और आचार-व्यवहारों का वर्णन करें। - Social Science (सामाजिक विज्ञान)

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

नाथपंथियों, सिद्धों और योगियों के विश्वासों और आचार-व्यवहारों का वर्णन करें।

थोडक्यात उत्तर

उत्तर

नामपंथी, सिद्ध और योगी इस काल में अनेक ऐसे धार्मिक समूह उभरे, जिन्होंने साधारण तर्क-वितर्क का सहारा लेकर रूढ़िवादी धर्म के कर्मकांडों और अन्य बनावटी पहलुओं तथा समाज-व्यवस्था की आलोचना की है। उनमें नामपंथी, सिद्धाचार और योगी जन उल्लेखनीय हैं। उन्होंने संसार का त्याग करने का समर्थन किया। उनके विचार से निराकार परम सत्य का चिन्तन-मनन और उसके साथ एक हो जाने की अनुभूति ही मोक्ष का मार्ग है। इसके लिए उन्होंने योगासन, प्राणायाम और चिन्तन-मनन जैसी क्रियाओं के माध्यम से मन एवं शरीर को कठोर प्रशिक्षण देने की आवश्यकता पर बल दिया। उनके द्वारा की गई रूढ़िवादी धर्म की आलोचना ने भक्तिमार्गीय धर्म के लिए आधार तैयार किया, जो आगे चलकर उत्तरी भारत में लोकप्रिय शक्ति बना।

shaalaa.com
नाथपंथी, सिद्ध और योगी
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 8: ईश्वर से अनुराग - फिर से याद करें [पृष्ठ १२०]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Social Science (History) - Our Past 2 [Hindi] Class 7
पाठ 8 ईश्वर से अनुराग
फिर से याद करें | Q 3. | पृष्ठ १२०
Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×