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निबंध लिखिए: तनाव -

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प्रश्न

निबंध लिखिए:

तनाव

दीर्घउत्तर

उत्तर

तनाव

हमारा शरीर लगातार बदलते वातावरण के साथ समायोजन करते हुए इसका अनुभव करता है। हम पर इसके शारीरिक तथा मानसिक प्रभाव होते हैं, जो सकारात्मक या नकारात्मक दोनों ही तरह के हो सकते हैं। सकारात्मक दृष्टिकोण से, तनाव हमें मुश्किल हालात से जूझने की प्रेरणा और ताकत देता है। नकारात्मक प्रभाव देखें तो, यह हमारे मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य का विनाश भी करता है। परिवर्तन अपने-आप में ही तनावपूर्ण है। साथ ही कोई परिवर्तन न होना भी तनावपूर्ण है । इससे बचा नहीं जा सकता।

तनाव के कही प्रकार होते है। जीवन से जुड़ा तनाव, भीतरी रूप से उत्पन्न हुआ तनाव, पर्यावरणीय और कार्यक्षेत्र के तनाव और थकान और अत्यधिक काम का तनाव। आज के समय में तनाव प्रतिदिन के जीवन का हिस्सा बन गया है। व्यक्ति शारीरिक तनाव बर्दाश्त कर सकता है। परन्तु मानसिक तनाव जानलेवा होता है। शहर में तो आम आदमी से लेकर उच्च वर्ग तक तनाव से ग्रसित है। छात्रों की भी हालत इससे बुरी है। परिवार के सदस्यों के उम्मीदों पर खड़े उतरने के लिए वह अत्यधिक परिश्रम करते है। वह रात रात जागकर पढ़ते है। इससे वह हमेशा तनावग्रस्त रहते है। इससे विद्यार्थियों के सेहत पर बुरा प्रभाव पड़ता है। अत्यधिक पढ़ाई की वजह से अधिक तनाव बढ़ जाता है। कभी कभी यह तनाव इतना बढ़ जाता है कि विद्यार्थी आत्महत्या जैसे गलत कदम उठा लेते है।

हमें इस तनाव को दूर करने के लिए हर रोज योग, संतुलित आहार लें, अपना पसंदीदा काम करें। रोजाना 7 से 8 घंटे गहरी नींद लेने से मन प्रफ्फुलित होता है। तनाव से दूर रहने के लिए सबसे फायदेमंद उपाय यही थी आप संगीत का सहारा ले। संगीत अपने मन को शांत करने में अहम भूमिका बजाता है। तनाव दूर करने के लिए आप शास्त्रीय संगीत का भी सहारा ले सकते है। 

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