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प्रश्न
निम्नलिखित अपठित पद्यांश पढ़कर सूचना के अनुसार कृतियाँ कीजिए :
निर्मम कुम्हार की थापी से कितने रूपों में कुटी-पिटी, |
(१) संजाल पूर्ण कीजिए :
(२) विधान के सामने सही अथवा गलत लिखिए :
१. हवा के आने से मिट्टी गल जाती है । - ______
२. पानी बरसने से मिट्टी उड़ जाती है । - ______
३. सूरज के दमकने पर मिट्टी ढल जाती है । - ______
४. मिट्टी कभी-कभी बिखर जाती है । - ______
(३) पद्य की प्रथम चार पंक्तियों का भावार्थ लिखिए ।
उत्तर
(१)
(२)
१. हवा के आने से मिट्टी गल जाती है । - गलत
२. पानी बरसने से मिट्टी उड़ जाती है । - गलत
३. सूरज के दमकने पर मिट्टी ढल जाती है । - गलत
४. मिट्टी कभी-कभी बिखर जाती है । - सही
(३)
निर्मम कुम्हार की थापी से कितने रूपों में कुटी-पिटी,
हर बार बिखेरी गई किंतु मिट्टी फिर भी तो नहीं मिटी ।
आशा में निश्छल पल जाए, छलना में पड़कर छल जाए,
सूरज दमके तो तप जाए, रजनी ठुमके तो ढल जाए,
भावार्थ: कविता का मूल भाव यह है कि मिट्टी अविनाशी है। निर्दयी कुम्हार की थापी से बार-बार कुटती-पिटती रही। उसे तोड़ा-फोड़ा गया। उसे यहाँ-वहाँ फेंका गया। छनने, सुखाने, तपाने, ढलने के बाद भी अपना अस्तित्व बचाए रख सकी। इन विपरीत परिस्थितियों में भी मिट्टी को कोई मिटा नहीं पाया।
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संबंधित प्रश्न
निम्नलिखित अपठित पद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:
नदी निकलती है पर्वत से, मैदानों में बहती है। बचपन में छोटी थी पर मैं, बड़े वेग से बहती थी। मैदानों में आकर मैंने, सेवा का संकल्प लिया। अंत समय में बचा शेष जो, सागर को उपहार दिया। |
(1) कृति पूर्ण कीजिए: (2)
(2) ऐसे प्रश्न तैयार कीजिए जिनके उत्तर निम्न शब्द हों: (2)
- सागर
- छोटी
(3) प्रस्तुत पद्यांश की अंतिम चार पंक्तियों का भावार्थ लिखिए। (2)
निम्नलिखित पठित पद्यांश पर आधारित बहुविकल्पी प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प चुनकर लिखिए-
तारसप्तक में जब बैठने लगता है उसका गला |
- 'तारसप्तक में जब बैठने लगता है उसका गला' इस पंक्ति में 'उसका' शब्द किसके लिए प्रयोग किया गया है?
(क) संगतकार के लिए
(ख) प्रधान गायक के लिए
(ग) गाने के इच्छुक संगीत प्रेमियों के लिए
(घ) वाद्ययंत्र बजाने वाले कलाकारों के लिए - संगतकार का स्वर मुख्य गायक की सहायता कब करता है?
(क) जब ऐसा करने के लिए उसका मन उससे कहता है
(ख) जब गायन को प्रभावी बनाकर वह वाहवाही लूटना चाहता है
(ग) गायक के द्वारा किसी पंक्ति विशेष को गाने का आग्रह किए जाने पर
(घ) गायक का कंठ कमज़ोर होने तथा प्रेरणा व उत्साह में गिरावट आने पर - 'संगतकार' किसका प्रतीक है?
(क) संगीत को पागलपन की हद तक चाहने वाले जज़्बात का
(ख) स्वर को साधने के लिए अनवरत की जाने वाली साधना का
(ग) किसी की सफलता में निस्स्वार्थ सहयोग करने की भावना का
(घ) मनोरंजन, माधुर्य, मनुष्यत्व, अपनत्व, प्रतिबद्धता व प्रेरणा का - कभी-कभी संगतकार गायक का यूँही साथ क्यों देता है?
(क) अपने आप को उसके समकक्ष प्रदर्शित करने के लिए
(ख) उसे यह संदेश देने के लिए कि वह स्वयं को अकेला न समझे
(ग) वह मुख्य गायक की कमज़ोरियों से पूरी तरह परिचित होता है
(घ) उसे विश्वास होता है कि बीच-बीच में गाने से गाने की मधुरता बनी रहेगी - संगतकार की 'मनुष्यता' किन कार्यों से प्रकट होती है?
(क) प्रधान गायक की सेवा मैं सदैव श्रद्धापूर्वक जुटे रहने से
(ख) गाने से पहले प्रत्येक कार्य को करने की पूर्व योजना बनाने से
(ग) स्वयं को विशिष्ट न बनाकर प्रधान गायक की विशिष्टता बढ़ाने से
(घ) कार्यक्रम से पहले एवं उसके उपरांत प्रधान गायक के चरण स्पर्श करने से
नीचे अपठित काव्यांश दिए गए है उस काव्यांश पर आधारित प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए।
अब मैं सूरज को नहीं डूबने दूँगा। घबराओ मत अब मैं सूरज को नहीं डूबने दूँगा। रथ के घोड़े सूरज जाएगा भी तो कहाँ |
(1) इन पंक्तियों में कवि का निश्चय प्रकट होता है कि वह - (1)
(क) पहाड़ी क्षेत्र में जाकर रहेगा
(ख) अपने लक्ष्य को पाकर रहेगा
(ग) प्रकृति के उपादानों से प्रेरित है
(घ) जीवन की उहापोह में उलझा है
(2) कवि का तैयार होना दर्शाता है कि वह - (1)
(क) शारीरिक एवं मानसिक रूप से तैयार है।
(ख) दुनिया से लड़ने का साहस रखता है।
(ग) नकारात्मक प्रभाव से बचाव चाहता है।
(घ) निरंतर कर्मरत एवं उपेक्षित रहता है।
(3) ‘घबराओ मत, मैं क्षितिज पर जा रहा हूँ।’ पंक्ति का भाव है - (1)
(क) पाठक के लिए सहृदयता
(ख) सूर्य के लिए अटूट श्रद्धा
(ग) पर्वतारोहण के लिए प्रयासरत
(घ) प्राप्य को पाने के लिए सावधान
(4) सूरज द्वारा लोगों के जीवन में सुख, समृद्धि एवं प्रकाश का आगमन होता है। यह कथन दर्शाता है कि सूरज है - (1)
(क) चित्रात्मक
(ख) प्रतीकात्मक
(ग) प्रयोगात्मक
(घ) वर्णनात्मक
(5) ‘सूरज जाएगा भी तो कहाँ उसे यहीं रहना होगा।’ कथन दर्शाता है - (1)
(क) विवशता
(ख) स्थायित्व
(ग) आत्मबोध
(घ) दृढ़निश्चय
(6) कविता का संदेश क्या है? (1)
(क) अनुकूल परिस्थितियों में स्थिरता रखना
(ख) प्रकृति के साथ सामंजस्य स्थापित करना
(ग) उद्देश्य प्राप्ति के लिए दृढ़ संकल्पित रहना
(घ) सूर्यास्त से पूर्व कार्यों का समापन करना
(7) निम्नलिखित कथन कारण को ध्यानपूर्वक पढ़िए उसके बाद दिए गए विकल्पों में से कोई एक सही विकल्प चुनकर लिखिए - (1)
कथन (A): तुम जो साहस की मूर्ति हो, तुम जो धरती का सुख हो।
कारण (R): कवि स्वयं को साहस की मूर्ति मानता है, जो धरती के जीवों के लिए सुखद परिस्थितियाँ उत्पन्न कर सकता है।
(क) कथन (A) तथा कारण (R) दोनों सही हैं तथा कारण कथन की सही व्याख्या करता है।
(ख) कथन (A) गलत है लेकिन कारण (R) सही है।
(ग) कथन (A) तथा कारण (R) दोनों गलत हैं।
(घ) कथन (A) सही है लेकिन कारण (R) उसकी गलत व्याख्या करता है।
(8) कवि के संबंध में इनमें से सही है कि वह - (1)
(क) सत्य की खोज करता है
(ख) भावुक प्रवृत्ति का है
(ग) लघुता का जानकार है
(घ) अदम्य साहस का धनी है
निम्नलिखित पद्यांश से संबंधित प्रश्नों के उत्तर सही विकल्प-चयन द्वारा दीजिए।
हैं जन्म लेते जगह में एक ही, मेह उन पर है बरसता एक-सा, छेदकर काँटा किसी की उंगलियाँ, फूल लेकर तितलियों को गोद में है खटकता एक सबकी आँख में |
(i) प्रस्तुत काव्यांश किससे संबंधित है? (1)
(क) फूल और तितलियों से
(ख) फल और पौधे से
(ग) पौधे और चाँदनी से
(घ) बड़प्पन की पहचान से
(ii) निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए - (1)
(I) सद्गुणों के कारण ही मानुस प्रेम का पात्र बनता है।
(II) परिवेशगत समानता सदैव अव्यवस्था को जन्म देती है।
(III) भौगोलिक परिस्थितियाँ प्राकृतिक भिन्नता का कारण हैं।
उपरिलिखित कथनों में से कौन-सा/कौन-से सही है/हैं?
(क) केवल I
(ख) केवल III
(ग) I और II
(घ) II और III
(iii) इस काव्यांश से हमें क्या सीख मिलती है? (1)
(क) मनुष्य के कर्म उसे प्रसिद्धि दिलाते हैं।
(ख) समान परिवेश में रहते हुए मनुष्य समान आदर पाते हैं।
(ग) किसी भी कुल में जन्म लेने से ही मनुष्य बड़ा हो सकता है।
(घ) समान पालन-पोषण होने पर अलग व्यक्तियों के स्वभाव समान होते हैं।
(iv) ‘फाड़ देता है किसी का वर वसन’ में ‘वसन’ शब्द का अर्थ है - (1)
(क) व्यसन
(ख) वस्त्र
(ग) वास
(घ) वासना
(v) कवितानुसार फूल निम्न में से कौन-सा कार्य नहीं करता? (1)
(क) भँवरों को अपना रस पिलाता है।
(ख) तितलियों को अपनी गोद में खिलाता है।
(ग) फल बनकर पशु-पक्षियों और मनुष्यों का पेट भरता है।
(घ) सुरों के शीश पर सोहता है।
निम्नलिखित पद्यांश में से बहुविकल्पीय प्रश्नों के सही उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए-
भले ही अँधेरा घिरे हर दिशा से, जरा भी उचित और अनुचित नहीं कुछ। |
- कवि को विश्वास है कि-
- वह अंधकार को उजाले में बदलेगा।
- वह पुराने को नए में बदलेगा।
- वह रात को शाम में बदलेगा।
- वह दुःख को सुख में बदलेगा।
- जीवन-मूल्यों के कमज़ोर पड़ने का कारण है-
- अंधी दौड़।
- वैज्ञानिक दौड़।
- विदेश की दौड़।
- आर्थिक दौड़।
- भारत की किस विशेषता पर पूरा विश्व गर्व करेगा?
- अहिंसक प्रवृत्ति
- वैज्ञानिक प्रगति
- ऐतिहासिक ज्ञान
- एकता की भावना
- 'किसी का अंधानुकरण न करके अपने लिए सही मार्ग का चयन करेंगे'- यह भाव कविता की किन पंक्तियों में आया है?
- भले ही अँधेरा घिरे हर दिशा से,
मगर हम नया भोर लाकर रहेंगे। - घृणा-स्वार्थ के इस कठिन संक्रमण में,
सुनो हम नया दौर लाकर रहेंगे। - भले ही किसी राह जाए जमाना,
मगर हम सही राह थामे रहेंगे। - मगर बात इतनी सुनो विश्व वालो,
इसी रोशनी में कभी हम बहेंगे।
- भले ही अँधेरा घिरे हर दिशा से,
- “कठिन दुर्ग पाखण्ड के सब ढहेंगे'- काव्य पंक्ति का आशय है-
- समाज से भेदभाव का नाश होगा।
- लोगों में स्वार्थ भावना का अंत होगा।
- समाज से आडंबरों का नाश होगा।
- अंधविश्वास रूपी किलों का पतन होगा।
निम्नलिखित पद्यांश में से बहुविकल्पीय प्रश्नों के सही उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए-
सुनता हूँ, मैंने भी देखा, |
- 'काले बादल' और 'चाँदी की रेखा' किनका प्रतीक हैं? इस प्रश्न का उत्तर देने के लिए नीचे दिए प्रतीकों को पढ़कर उचित विकल्प का चयनकर लिखिए।
(a) विपत्तियाँ
(b) कालिमा
(c) आशा की किरण
(d) बिजली
विकल्प-
I. (a, b)
II. (c, d)
III. (a, c)
IV. (b, d) - स्वतंत्रता प्राप्ति के मार्ग में किस प्रकार के बादल छाए हुए हैं? नीचे दिए गए कारकों को पढ़कर इस प्रश्न का उत्तर देने के लिए उचित विकल्प का चयन कर लिखिए।
(a) जाति द्वेष के
(b) घनघोर-घटाओं के
(c) परस्पर वैमनस्य के
(d) वैश्विक अशांति के
विकल्प-
I. (a, b)
II. (b, c)
III. (c, d)
IV. (a, d) -
कैसे वातावरण में आशा की किरण छिप जाती है? नीचे दिए कारकों को पढ़कर इस प्रश्न का उत्तर देने के लिए उचित विकल्प का चयन कर लिखिए।
(a) जब तेज वर्षा हो
(b) जब मन निराशा से भयभीत हो
(c) जब षड्यंत्र रचे जा रहे हों
(d) जब बादल न छाए हों
विकल्प-
I. (a, b)
II. (b, c)
III. (c, d)
IV. (a, d) - मोर-मोरनी द्वारा आँगन में नृत्य प्रस्तुत करने से क्या अभिप्राय है?
- उन दोनों का प्रसन्न होकर नृत्य करना।
- निराशा के बादल छँटने लगे, खुशियों ने दस्तक दे दी है।
- दोनों नृत्य कर बादलों को बरसने के लिए मजबूर कर रहे हैं।
- मोर सुहावने मौसम का आनंद ले रहे हैं।
-
'चाँदी की रेखा' को 'सोने की रेखा' में कब बदला जा सकता है?
- देश-जातियों की एकता होने पर
- काले बादलों के दूर होने पर
- बादलों में सूर्य के छिपने पर
- मृत्यु से भयभीत न होने पर
निम्नलिखित काव्यांश पर आधारित बहुविकल्पी/वस्तूपरक प्रश्नों के उत्तर सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प चुनकर लिखिए।
हम धरती के बेटे बड़े कमेरे हैं। धरती की सेवा करते हैं खेत लगे हैं अपने घर से हाथों में लेकर हल-हँसिया हम धरती के बेटे बड़े कमेंरे हैं। |
- 'हम धरती के बेटे बड़े कमेरे हैं!' से आशय है -
A. हम धरती के बहुत परिश्रमी बेटे हैं।
B. हम धरती के बहुत आलसी बेटे हैं।
C. हम धरती के बहुत बुद्धिमान बेटे हैं।
D. हम धरती के बहुत अज्ञानी बेटे हैं। - कवि ने किसानों को 'फसलों का रसिया' कहा है क्योंकि वे -
A. किसान फसलों को उगाते हैं
B. किसान फसलों को काटते है।
C. किसान फसलों से प्रेम करते हैं।
D. किसान फसलों को बेच देते हैं। - किसान 'धरती की सेवा' ______ करते हैं।
A. खेतों में फसल उगाकर
B. सर्दी, गर्मी, बरसात सहकर
C. बिना विश्राम परिश्रम कर
D. खेतों के पास घर बनाकर - कथन (A) और कारण (R) पर विचार करते हुए सही विकल्प चुनिए:
कथन (A): हमारे घर खेतों के पास स्थित होते हैं।
कारण (R): हमारे घर शहरों से दूर होते हैं।
A. कथन (A) सही है, किंतु कारण (R) गलत है।
B. कथन (A) गलत है, किंतु कारण (R) सही है।
C. कथन (A) व (R) सही हैं और कथन (A), (R) की सही व्याख्या है।
D. कथन (A) व (R) सही हैं और कथन (A), (R) की सही व्याख्या नहीं है। - 'हम किसानों ने धरती को फसलों के आवरण से ढक दिया है।' निम्नलिखित किस पंक्ति का यह आशय है -
A. तूफानों के मुँह फेरे हैं
B. रखवाले अपने खेतों के
C. धरती को साड़ी पहनाते
D. दूर-दूर तक भूख मिटाते
निम्नलिखित पद्यांश में से बहुविकल्पीय प्रश्नों के सही उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए -
सूरज के ताप में कहीं कोई कमी नहीं दरअसल पानी से होकर देखो |
-
'दुनिया में करुणा की कमी पड़ गई है' - पंक्ति का आशय है -
- वातावरण में शीतलता नहीं है।
- जल की निर्मलता समाप्त हो गई है।
- लोगों में संवेदना समाप्त हो गई है।
- लोगों में क्रूरता बढ़ गई है।
- 'करुणा कि बर्फ पिघल नहीं रही' - पंक्ति में 'बर्फ़ पिघल नहीं रही' का क्या अभिप्राय है?
- लोग स्वार्थ में आत्मकेन्द्रित हो गए हैं।
- लोग दूसरों के दुःखों से द्रवीभूत नहीं हो रहे हैं।
- लोगों के हदय की पवित्रता समाप्त हो गई है।
- लोग एक-दूसरे से सहमत नहीं हो रहे हैं।
- 'दूसरों के दुःख-दर्द के प्रति सहानुभूति दिखाने वाले लोग नहीं हैं' - इस भाव को व्यक्त करने वाली पंक्ति है -
- कहीं पानी का कोई ऐसा पारदर्शी टुकड़ा नहीं।
- सूरज के ताप में कहीं कोई कमी नहीं।
- लेकिन हवा और पानी में ज़रूर कुछ ऐसा हुआ है।
- वरना कोरी आँखों से कौन कितना देख पाता है।
- 'सूरज के ताप में कहीं कोई कमी नहीं, न चंद्रमा की ठंडक में' - पंक्ति के माध्यम से कवि कहना चाहते हैं -
- सूर्य की ऊर्जा में गर्मी की कमी नहीं है।
- चंद्रमा की चाँदनी में कोई कमी नहीं है।
- सूर्य और चंद्रमा के दैनिक क्रिया-कलापों में कोई परिवर्तन नहीं है?
- प्राकृतिक उपादानों में सहज करुणा की भावना है।
- इस समय समस्त विश्व को आवश्यकता है -
- स्वच्छ हवा
- स्वच्छ पानी
- परोपकार
- करुणा
निम्नलिखित पद्यांश में से बहुविकल्पीय प्रश्नों के सही उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए -
दरवाज़े से बाहर जाने से पहले झुकता हूँ |
- किस तरह झुकना जीवन के सामान्य कार्य व्यवहार का हिस्सा नहीं है?
- जूते के फीते बाँधने के लिए झुकना।
- खाने का कौर उठाने के लिए झुकना।
- ताकतवर के सामने सिर का झुकाना।
- किसी गिरी वस्तु को उठाने के लिए झुकना।
- 'चापलूस की आत्मा' के झुकने से आप क्या समझते हैं?
- किसी अधिकार सम्पन्न की खुशामद करने वाला व्यक्ति और उसकी आदतें।
- अपने लाभ के लिए खुशामद करने वाले द्वारा आत्म-सम्मान को छोड़ दिया जाना।
- एक सत्ता सम्पन्न व्यक्ति द्वारा मज़बूर व्यक्तियों का लाभ उठाना।
- खुशामद पसंद व्यक्ति और उसके अनुयायियों का समूचा कार्य व्यवहार।
- शब्दों को पढ़ने के लिए आँखों के झुकने में किस प्रकार का भाव है?
- विनम्रता
- लज्जा
- अपमान
- आत्मालोचन
- "ताकत और अधीनता की भाषा से बाहर भी होते हैं शब्दों और क्रियाओं के कई अर्थ" पद्यांश के इस कथन का क्या आशय है? निम्नलिखित कथनों को पढ़कर उचित विकल्प का चयन कीजिए -
(क) शब्दों और क्रियाओं के अर्थ समाज की सत्ता-संरचना द्वारा ही तय होते हैं।
(ख) शब्दों और क्रियाओं को बरतना मनुष्य की चेतना के अधीन है।(ग) हम चाहें तो कोई भी हमें वैसा करने को बाध्य नहीं कर सकता जिससे लज्जित एवं अपमानित होना पड़े।- सिर्फ (क)
- सिर्फ (ख)
- (क) और (ग)
- (ख) और (ग)
- इस कविता में प्रयुक्त 'अर्थ' एवं 'अभिप्राय' का तात्पर्य क्या है?
- अर्थ - मतलब; अभिप्राय - नीयत
- अर्थ - नीयत; अभिप्राय - मतलब
- अर्थ - आशय; अभिप्राय - लक्ष्य
- अर्थ - तात्पर्य; अभिप्राय - मंसूबा
दिए गए पद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उस पर आधारित दिए गए प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनकर लिखिए:
कुश्ती कोई भी लड़े बहुत गहरा है रिश्ता ढोल ख़ामोश है ख़ामोश ढोल को |
- ढोल बजाता है सिमरू ही - पंक्ति में 'ही' क्या इंगित करता है? 1
- आदत
- महत्त्व
- आडंबर
- प्रेम
- कुश्ती में जोश कब भर आता है? 1
- जब हारता हुआ पहलवान जीतने लगता है।
- जब दोनों पहलवान बराबर की टक्कर वाले होते है।
- जब फ़ाइनल कुश्ती द्वारा राष्ट्रीय विजेता तय होता है।
- जब सिमरू द्वारा ढ़ोल बजाया जाता है।
- माटी द्वारा अच्छे-बुरे को स्वीकारने का क्या तात्पर्य है? 1
- माटी सबको जीतने का समान अवसर देती है।
- माटी का न्याय सबको स्वीकार्य होता है।
- अंत में अच्छे-बुरे सभी माटी में मिल जाते हैं।
- माटी की गोद में अच्छे-बुरे सभी पलते हैं।
- ढोल तथा अखाड़े की माटी में क्या समानता बताई गई है? 1
निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए -
कथन (I): दोनों को उपयोग करने से पहले तैयार करना होता है।
कथन (II): दोनों में श्रम की आवश्यकता होती है।
कथन (III): दोनों का प्रयोग कर लोग अपनी कला सिद्ध करते है।
कथन (IV): दोनों की परिवर्तन में भूमिका होती है।
निम्नलिखित विकल्पों पर विचार कीजिए तथा सही विकल्प चुनकर लिखिए।
विकल्प:- केवल कथन (III) सही है।
- केवल कथन (IV) सही है।
- केवल कथन (II) और (III) सही हैं।
- केवल कथन (I) और (IV) सही हैं।
- कॉलम 1 को कॉलम 2 से सुमेलित कीजिए और सही विकल्प चुनकर लिखिए। 1
कॉलम 1 कॉलम 2 1 सिमरू (i) श्रमजीवी वर्ग 2 ढोल (ii) सामाजिक भूमि 3 अखाड़ा (iii) परिश्रम
- 1 - (iii), 2 - (i), 3 - (ii)
- 1 - (i), 2 - (iii), 3 - (ii)
- 1 - (i), 2 - (ii), 3 - (iii)
- 1 - (ii), 2 - (i), 3 - (iii)