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प्रश्न
निम्न स्थिति में आवश्यक रोजनामचा प्रविष्टि दें;
(अ) 85,000 रूपये के लेनदारों ने 40,000 रूपये रोकड़ और 43,000 रुपये के विनियोग का अपने दावे का पूर्ण भुगतान स्वीकार किया।
(ब) लेनदार 16,000 रुपये के हैं। वे 18,000 रूपये मूल्य की मशीनरी को अपने दावे का भुगतान स्वीकार करते हैं।
(स) लेनदार 90,000 रूपये के हैं। वे 1,20,000 रूपये के भवन तथा 30,000 रूपये के रोकड़ को फर्म का भुगतान स्वीकार करते हैं।
उत्तर
दिनांक | विवरण | रो.पृ.सं. | नाम (रु.) | जमा (रु.) |
(अ) | वसूली खाता ...नाम | 40,000 | ||
रोकड़ खाते से | 40,000 | |||
(85,000 रुपये के लेनदारों ने 40,000 रुपये नकद के रूप में स्वीकार किए और 43,000 रुपये के विनियोग को उनके दावे का पूर्ण भुगतान स्वीकार किया) |
||||
(ब) | कोई प्रविष्टि नहीं (क्योंकि संपत्ति और देयता दोनों पहले से ही वसूली खाते में स्थानांतरित कर दी गई हैं)) |
- | - | |
(स) | रोकड़ खाता ...नाम | 30,000 | ||
वसूली खाते से | 30,000 | |||
(90,000 रुपये के लेनदारों ने 1,20,000 रुपये की मारतों को स्वीकार किया और फर्म के दावे को निपटाने के बाद 30,000 रुपये नकद के रूप में वापस कर दिए) |
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लेखा व्यवहार कीजिए:
गैर-अभिलेखित परिसंपत्तियाँ
वसूली खाता किसे कहते हैं?
वसूली खाते का प्रारूप बनाइए।
वसूली व्यय से संबंधित निम्न व्यवहारों का रोज़नामचा बनाइएः
(अ) वसूली व्यय की राशि 2,500 रूपये।
(ब) वसूली व्यय की राशि 3,000 रुपये का भुगतान अशोक द्वारा जो कि एक साझेदार है।
(स) वसूली व्यय 2,300 रूपये तरुण द्वारा व्यक्तिगत तौर पर किए गए।
(द) साझेदार अमित को परिसंपत्तियों की वसूली के लिए 4000 रूपये में नियुक्त किया गया। वास्तविक वसूली व्यय की राशि 3000 रूपये है।
एक पुराने कंप्यूटर को पिछले वर्ष के लेखा पुस्तकों में अपलिखित किया गया। एक साझेदार नितिन द्वारा उसी को 3,000 रुपये में लिया गया। यह मानते हुए कि फर्म का विघटन हो चुका है, उपरोक्त के संबंध में रोजनामचा प्रविष्टियाँ कीजिए।
निम्न परिस्थितियों में आप रशिम और बिंदु के वसूली व्ययों का किस प्रकार लेखा व्यवहार करेंगे:
1. वसूली व्यय की राशि 1,00,000 रुपये।
2. वसूली व्यय की राशि 30,000 रुपये का भुगतान साझेदार रशिम ने किया।
3. विघटन प्रक्रिया को पूर्ण करने के लिए रशिम ने वसूली व्यय का वहन किया जिसके लिए पारितोषिक 70,000 रूपये दिया गया। रशिम द्वारा वास्तविक व्यय 120000 रूपये किया गया।
निम्न व्यवहारों की रोज़नामचा प्रविष्टियाँ दीजिए:
- विभिन्न परिसंपत्तियों और दायित्वों की वसूली का अभिलेखन।
- फर्म के पास 1,60,000 रुपये का स्टॉक है। साझेदार अज़ीज़ द्वारा 50% स्टॉक को
20% छूट पर ले लिया गया।
- शेष स्टॉक का विक्रय लागत मूल्य पर 30% लाभ पर हुआ।
- भूमि और भवन (पुस्तक मूल्य 1,60,000 रुपये) का विक्रय 3,00,000 रुपये में एक दलाल के द्वारा किया गया जिसने सौदे पर 2% कमीशन लिया।
- संयंत्र और मशीनरी (पुस्तक मूल्य 60,000 रुपये) एक लेनदार को पुस्तक मूल्य से 10% कम के स्वीकृत मूल्यांकन पर दिया गया।
- विनियोग जिसका मूल्य 4,000 रुपये था से 50% वसूली हुई।
1,00,000 रुपये की परिसंपत्तियों का हस्तांतरण (रोकड़ और बैंक के अतिरिक्त) वसूली खाते में किया गया। परिसंपत्तियों को 50% साझेदार अतुल द्वारा 20% छूट पर ले लिया। शेष परिसंपत्तियों में से 40% को, लागत पर 30% लाभ पर विक्रय किया गया। शेष का 5% बेकार हो गया, कुछ वसूली नहीं हुई और बाकी परिसंपत्तियाँ एक लेनदार को उसके दावे का पूर्ण भुगतान के लिए दी गई।
परिसंपत्तियों से वसूली की रोजनामचा प्रविष्टि का अभिलेखन करें।
पारस और प्रिया की पुस्तकों में निम्न गैर-अभिलेखित परिसंपत्तियों और दायित्वों की आवश्यक रोजनामचा प्रविष्ट का अभिलेखन करें:
- एक पुराने फ़र्नीचर को फर्म में पूर्ण रूप से अपलिखित किया गया। यह फ़र्नीचर 3,000 रूपये में बेचा गया।
- आशीष जो कि एक पुराना ग्राहक है जिसका खाता 1,000 रूपये से पिछले वर्ष के डूबत ऋण के तौर पर अपलिखित किया गया, ने 6% का भुगतान किया।
- पारस फर्म की ख्याति को लेता है (जिसका लेखा पुस्तकों में नहीं है) जिसे 3,000 रूपये पर मूल्यांकित किया गया।
- एक पुरानी टंकण मशीन (टाइपराइटर) जो कि पूर्ण रूप से लेखा पुस्तकों में अपलिखित किया गया। इसका अनुमानित वसूली मूल्य 400 रुपये था। इसको प्रिया के द्वारा अनुमानित मूल्य से 25% छूट पर लिया गया।
- 100 शेयर, 10 रूपये प्रत्येक को स्टार लिमिटेड ने 2,000 रूपये की कीमत पर अधिगृहित किया था, जिसको लेखा पुस्तकों में पूर्ण रूप से अपलिखित किया गया। इन अंशों का मूल्यांकन 6 रूपये प्रत्येक किया तथा साझेदारों के मध्य उनके लाभ विभाजन अनुपात में बाँटा गया।
सभी साझेदारों ने फर्म के विघटन की इच्छा व्यक्त की। यासिन एक साझेदार 2,00,000 रुपये के ऋण को साझेदारों के पूँजी भुगतान से पहले भुगतान चाहता है। लेकिन अमर, एक अन्य साझेदार पूँजी का भुगतान, यासिन के ऋण के भुगतान से पहले चाहता है। कारण बताते हुए उनके बीच उपाय का सुझाव दें।
समस्त दायित्वों को वसूली खाते में हस्तांतरित करने तथा विर्भिन्न परिसंपत्तियों ( रोकड़ के अतिरिक्त ) तीसरे पक्ष को किसी फर्म के विघटन पर निम्न लेनदेनों के संबंध में क्या रोज़नामचा प्रविष्टियाँ की जाएँगी।
- आरती ने 80,000 रुपये के मूल्य का स्टॉक 68,000 रुपये में लिया।
- 40.000 रुपये की गैर-अभिलेखित मोटर साइकिल जो कि करीम द्वारा ली गई।
- फर्म ने कर्मचारियों को 40,000 रुपये की क्षतिपूर्ति का भुगतान किया।
- विभिन्न दायित्व को जो कि 36,000 रुपये के थे, को 15% छूट पर भुगतान किया गया।
- वसूली पर हानि 42,000 रुपये को आरती और करीम के मध्य 3 : 4 के अनुपात में विभाजन किया जाऐगा।
शिल्पा, मीना और नंदा ने 31 मार्च, 2020 को फर्म के विघटन का निर्णय लिया। इनका लाभ विभाजन अनुपात 3: 2: 1 है और उनका तुलन पत्र इस प्रकार है:
31 मार्च, 2020 को शिल्पा, मीना और नंदा का तुलन पत्र |
|||
दायित्व |
राशि (रु.) |
परिसंपन्तियाँ | राशि (रु.) |
पूँजी: | भूमि | 81,000 | |
शिल्पा | 80,000 | स्टॉक | 56,760 |
मीना | 40,000 | देनदार | 18,600 |
बैंक ऋण |
20,000 |
नंदा की पूँजी |
23,000 |
लेनदार | 37,000 | रोकड़ | 10,840 |
संदिग्ध ऋण के लिए प्रावधान |
1,200 | ||
सामान्य संचय |
12,000 | ||
1,90,200 | 1,90,200 |
शिल्पा ने 41,660 रुपये मूल्य का स्टॉक 35,000 रुपये में ले लिया और बैंक ऋण का भुगतान करने को सहमत हुई। शेष स्टॉक का विक्रय 14,000 रुपये में किया गया और 10,000 रुपये के देनदारों से 8,000 रुपये वसूली हुई । भूमि का विक्रय 1,10,000 रुपये में किया। शेष देनदारों से पुस्तक मूल्य की 50% वसूली हुई। वसूली की लागत राशि 1,200 रुपये है। 6,000 रुपये मूल्य की एक टंकण मशीन पुस्तकों में गैर-अभिलेखित है, को एक लेनदार ने इसी मूल्य पर ले लिया। वसूली खाता तैयार करें।
सुरजीत और राही का लाभ व हानि विभाजन अनुपात 3: 2 है। 31 मार्च, 2020 को उनका तुलन पत्र इस प्रकार है:
31 मार्च, 2020 को सुरजीत और राही का तुलन पत्र | |||
दायित्व | राशि (रु) | परिसंपत्तियाँ | राशि (रु) |
लेनदार | 38,000 | बैंक | 11,500 |
श्रीमती सुरजीत से ऋण | 10,000 | स्टॉक | 6,000 |
संचय | 15,000 | देनदार | 19,000 |
राही का ऋण | 5,000 | फर्नीचर | 4,000 |
पूँजी: | संयंत्र | 28,000 | |
सुरजीत | 10,000 | विनियोग | 10,000 |
राही | 8,000 | लाभ व हानि | 7,500 |
86,000 | 86,000 |
31 मार्च, 2020 को फर्म का विघटन निम्न शर्तों पर हुआ:
(1) सुरजीत ने विनियोगों को 8,000 रूपये में लिया और वह श्रीमती सुरजीत के ऋण का भुगतान करेगा।
(2) अन्य परिसंपत्तियों से वसूली निम्न हैं:
स्टॉक |
5,000 रू. |
देनदार |
18,500 रू. |
फर्नीचर |
4,500 रु. |
संयंत्र | 25,000 |
(3) वसूली व्यय की राशि 1,600 रूपये है।
(4) लेनदारों ने पूर्ण भुगतान के 37,000 रुपये स्वीकार किए।
(5) आप वसूली खाता, साझेदारों के पूँजी खाते और बैंक खाता तैयार करें।
रीटा, गीता और आशीष फर्म में साझेदार हैं, उनका लाभ/हानि विभाजन अनुपात 3: 2: 1 है। 31 मार्च, 2017 को उनका तुलन पत्र इस प्रकार है:
31 मार्च, 2017 को रीटा, गीता और आशीष का तुलन पत्र |
||||
दायित्व |
राशि (रू.) |
परिसंपत्तियाँ | राशि (रू.) | |
पूँजी: | रोकड़ | 22,500 | ||
रीटा | 80,000 | 1,60,000 | देनदार | 52,300 |
गीता | 50,000 | स्टॉक | 36,000 | |
आशीष | 30,000 | विनियोग | 69,000 | |
लेनदार | 65,000 | संयंत्र | 91,200 | |
देय विपत्र | 26,000 | |||
सामान्य संचय |
20,000 | |||
2,71,000 | 2,71,000 |
ऊपर दी गई तिथि को फर्म का विघटन हो गया।
1. रीटा को परिसंपत्तियों की वसूली के लिए नियुक्त किया गया। रीटा को परिसंपत्तियों की वसूली के लिए 5% कमीशन (रोकड़ के अतिरिक्त) मिलेगा और वह सारे वसूली व्यय करेगी।
2. परिसंपत्तियों से वसूली निम्न है:
देनदार | 30,000 रू |
स्टॉक | 26,000 रू |
संयंत्र | 42,750 रू |
3. विनियोग से पुस्तक मूल्य के 85% की वसूली हुई।
4. वसूली व्यय की राशि 4,100 रुपये है।
5. फर्म ने बकाया वेतन 7,200 रूपये का भुगतान किया जिसका प्रावधान पहले नहीं किया गया था।
6. एक विपत्र बैंक से छूट के संबंध में आकस्मिक दायित्व है जिसका भुगतान 9800 रूपये किया गया। वसूली खाता, साझेदारों के पूँजी खाते, रोकड़ खाता तैयार करें।
अनूप और सुमित फर्म में बराबर के साझेदार हैं। वे 31 मार्च, 2017 को फर्म के समापन का निर्णय लेते हैं, जब तुलन पत्र निम्न है:
31 मार्च, 2017 को अनूप और सुमित का तुलन पत्र | ||||
दायित्व |
|
राशि (रू) | परिसंपत्तियाँ | राशि (रू) |
विविध लेनदार |
27,000 |
हस्तस्थ रोकड़ |
11,000 | |
संचय कोष |
10,000 |
विविध देनदार |
12,000 | |
ऋण | 40,000 | संयंत्र | 47,000 | |
पूँजी: | स्टॉक | 42,000 | ||
अनुप | 60,000 | 1,20,000 | पट्टाकृत भूमि | 60,000 |
सुमित | 60,000 | फ़र्नीचर | 25,000 | |
1,97,000 | 1,97,000 |
परिसंपत्तियों से वसूली निम्न है:
पट्टाकृत भूमि |
72,000 रू |
फर्नीचर |
22,500 रू |
स्टॉक |
40,500 रू |
संयंत्र |
48,000 रू |
विविध देनदार |
10,500 रू |
लेनदारों को 25,500 रुपये का भुगतान पूर्ण निपटारे के लिए किया गया। वसूली व्ययों की राशि 2,500 रूपये है। फर्म की पुस्तकों को बंद करने के लिए वसूली खाता, बैंक खाता तथा साझेदारों के पूँजी खाते तैयार करें।
संजय, तरुण और विनित लाभ 3: 2 : 1 के अनुपात में विभाजित करते हैं। 31 मार्च, 2017 को उनका तुलन पत्र निम्न है:
31 मार्च, 2017 को तुलन पत्र |
||||
दायित्व |
राशि (रू.) |
परिसंपत्तियाँ |
राशि (रू.) | |
पूँजी: |
संयंत्र | 90,000 | ||
संजय | 1,00,000 | 2,70,000 | देनदार | 60,000 |
तरुण | 1,00,000 | फ़र्नीचर | 32,000 | |
विनित | 70,000 | स्टॉक | 60,000 | |
लेनदार | 80,000 | विनियोग | 70,000 | |
देय विपत्र |
30,000 |
प्राप्य विपत्र |
36,000 | |
हस्तस्थ रोकड़ |
32,000 | |||
3,80,000 |
|
3,80,000 |
इस तिथि को फर्म का विघटन हो गया। संजय को परिसंपत्तियों से वसूली के लिए नियुक्त किया गया। संजय को परिसंपत्तियों से वसूली पर (रोकड़ के अतिरिक्त) 6% कमीशन दिया जाएगा और वह वसूली पर व्यय का भुगतान करेगा। संजय द्वारा परिसंपत्तियों से निम्न वसूली की गई:
संयंत्र 72,000 रूपये, देनदार 54,000 रुपये, फ़र्नीचर 18,000 रूपये, स्टॉक पुस्तक मूल्य का 90%, विनियोग 76,000 रूपये और प्राप्य विपत्र 31000 रुपये वसूली व्यय की राशि 4500 रुपये है।
वसूली खाता, पूँजी खाते, रोकड़ खाता तैयार करें।
तनु और मनु का तुलन पत्र निम्न है जो कि अपना लाभ व हानि 5: 3 के अनुपात में विभाजित करते हैं:
31 मार्च, 2020 को तनु और मनु का तुलन पत्र |
||||
दायित्व |
राशि (रु.) |
परिसंपन्तियाँ | राशि (रु.) | |
विविध लेनदार |
62,000 |
बैंक में रोकड़ |
16,000 | |
देय विपत्र | 32,000 |
विविध लेनदार |
55,000 | |
बैंक ऋण |
50,000 | स्टॉक | 75,000 | |
संचय कोष |
16,000 |
मोटर कार |
90,000 | |
पूँजी: | मशीनरी | 45,000 | ||
तनु | 1,10,000 | 2,00,000 | विनियोग | 70,000 |
मनु | 90,000 | फ़िक्सचर्स | 9,000 | |
3,60,000 | 3,60,000 |
इस तिथि को फर्म का विघटन हो गया और निम्न समझौता हुआ:
तनु ने विविध देनदार लिए और बैंक ऋण का भुगतान करने के लिए सहमत हुई। विविध लेनदारों ने स्टॉक स्वीकार किया और फर्म को 10,000 रूपये का भुगतान किया। मनु ने मशीनरी को 40,000 रूपये में लिया और देय विपत्र का 5% छूट पर भुगतान के लिए सहमत हुआ। मोटर कार को तनु ने 60,000 रुपये में लिया। विनियोग से 76,000 रूपये व फिक्सचर्स से 4,000 रुपये वसूल हुए। वसूली व्यय की राशि 2,200 रुपये हैं। वसूली खाता, बैंक खाता व साझेदारों के पूँजी खाते तैयार करें।