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निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर (25-30) शब्दों में लिखिए −महादेव भाई की साहित्यिक देन क्या है? - Hindi Course - B

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प्रश्न

निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर (25-30) शब्दों में लिखिए 
महादेव भाई की साहित्यिक देन क्या है?

टीपा लिहा

उत्तर

महादेव भाई ने 'सत्य का प्रयोग' का अंग्रेज़ी अनुवाद किया जो कि गांधीजी की आत्मकथा थी। वे प्रतिदिन डायरी लिखते थे यह साहित्यक देन डायरी और अनगिनत अभ्यास पुस्तकें आज भी मौजूद हैं। शरद बाबू, टैगोर आदि की कहानियों का भी अनुवाद किया, 'यंग इंडिया' में लेख लिखे।

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गद्य (Prose) (Class 9 B)
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 6: स्वामी आनंद - शक्र तारे के समान - लिखित (क) [पृष्ठ ६२]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Hindi - Sparsh Part 1 Class 9
पाठ 6 स्वामी आनंद - शक्र तारे के समान
लिखित (क) | Q 3 | पृष्ठ ६२

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निम्नांकित शब्द-समूहों को पढ़ो और समझो

  1. कङ्घा, पतङ्ग, चञ्चल, ठण्डा, सम्बन्ध।
  2. कंघा, पतंग, चंचल, ठंडा, संबंध।
  3. अक्षुण्ण, सम्मिलित, दुअन्नी, चवन्नी, अन्न।
  4. संशय, संसद्, संरचना, संवाद, संहार।
  5. अँधेरा, बाँट, मुँह, ईंट, महिलाएँ, में, मैं।

ध्यान दो कि ङ, ज्, ण, न् और म् ये पाँचों पंचमाक्षर कहलाते हैं। इनके लिखने की विधियाँ तुमने ऊपर देखीं-इसी रूप में या अनुस्वार के रूप में। इन्हें दोनों में से किसी भी तरीके से लिखा जा सकता है और दोनों ही शुद्ध हैं। हाँ, एक पंचमाक्षर जब दो बार आए तो अनुस्वार का प्रयोग नहीं होगा; जैसे-अम्मा, अन्न आदि। इसी प्रकार इनके बाद यदि अंतस्थ य, र, ल, व और ऊष्म श, ष, स, ह आदि हों तो अनुस्वार का प्रयोग होगा, परंतु उसका उच्चारण पंचम वर्गों में से किसी भी एक वर्ष की भाँति हो सकता है; जैसे-संशय, संरचना में ‘न्’, संवाद में ‘म्’ और संहार में ‘ङ’।
( ं) यह चिह्न है अनुस्वार का और ( ँ) यह चिह्न है अनुनासिक का। इन्हें क्रमशः बिंदु और चंद्र-बिंदु भी कहते हैं। दोनों के प्रयोग और उच्चारण में अंतर है। अनुस्वार को प्रयोग व्यंजन के साथ होता है अनुनासिक का स्वर के साथ।


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लेखिका की सफलता पर कर्नल खुल्लर ने उसे किन शब्दों में बधाई दी?


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नीचे दिए गए उपसर्गों का उपयुक्त प्रयोग करते हुए शब्द बनाइए 

अ, नि, अन, दुर, वि, कु, पर, सु, अधि

आर्य

-

__________

आगत

-

__________

डर

-

__________

आकर्षण

-

__________

क्रय

-

__________

मार्ग

-

__________

उपस्थित

-

__________

लोक

-

__________

नायक

-

__________

भाग्य

-

__________


सूर्योदय के 2-3 घंटे पहले पूर्व दिशा में या सूर्यास्त के 2-3 घंटे बाद पश्चिम दिशा में एक खूब चमकाता हुआ ग्रह दिखाई देता है, वह शुक्र ग्रह है। छोटी दूरबीन से इसकी बदलती हुई कलाएँ देखी जा सकती हैं, जैसे चंद्रमा की कलाएँ।


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अनुस्वार

  अनुनासिक

(क)

अंदर

(क)

ढूँढ़ते

(ख)

____________

(ख)

____________

(ग)

____________

(ग)

____________

(घ)

____________

(घ)

____________

(ङ)

____________

(ङ)

____________


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