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निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए −इस गीत में धरती को दुल्हन क्यों कहा गया है? - Hindi Course - B

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प्रश्न

निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए 
इस गीत में धरती को दुल्हन क्यों कहा गया है?

टीपा लिहा

उत्तर

इस गीत में सैनिकों और भारत की भूमि को प्रेमी-प्रेमिका के रुप में दर्शाया गया है। जिस प्रकार दूल्हे को दुल्हन सबसे प्रिय होती हैउसकी सुरक्षा की ज़िम्मेदारी वह बखूबी समझता हैठीक उसी प्रकार इस धरती रुपी दुल्हन पर सैनिक रुपी प्रेमी कभी विपत्ति सहन नहीं कर सकते। इसी समानता के कारण भारत की धरती को दुल्हन कहा गया है।

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कर चले हम फ़िदा
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 1.8: कर चले हम फ़िदा - प्रश्न-अभ्यास (क) [पृष्ठ ४४]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Hindi - Sparsh Part 2 Class 10
पाठ 1.8 कर चले हम फ़िदा
प्रश्न-अभ्यास (क) | Q 3 | पृष्ठ ४४

संबंधित प्रश्‍न

निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए 
क्या इस गीत की कोई ऐतिहासिक पृष्ठभूमि है?


निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए 
'सर हिमालय का हमने न झुकने दिया', इस पंक्ति में हिमालय किस बात का प्रतीक है?


निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए 
कवि ने इस कविता में किस काफ़िले को आगे बढ़ाते रहने की बात कही है?


इस गीत में कुछ विशिष्ट प्रयोग हुए हैं। गीत के संदर्भ में उनका आशय स्पष्ट करते हुए अपने वाक्यों में प्रयोग कीजिए।
कट गए सर, नब्ज़ जमती गई, जान देने की रुत, हाथ उठने लगे


कैफ़ी आज़मी उर्दू भाषा के एक प्रसिद्ध कवि और शायर थे। ये पहले गज़ल लिखते थे। बाद में फ़िल्मों में गीतकार और कहानीकार के रूप में लिखने लगे। निर्माता चेतन आनंद की फ़िल्म ‘हकीकत’ के लिए इन्होंने यह गीत लिखा था, जिसे बहुत प्रसिद्धि मिली। यदि संभव हो सके तो यह फ़िल्म देखिए।


कैफ़ी आज़मी की अन्य रचनाओं को पुस्तकालय से प्राप्त कर पढ़िए और कक्षा में सुनाइए। इसके साथ ही उर्दू भाषा के अन्य कवियों की रचनाओं को भी पढ़िए।


एन.सी.ई.आ. ट. द्वारा कैफ़ी आज़मी पर बनाई गई फ़िल्म देखने का प्रयास कीजिए।


‘भरते-मरते रहो बाँकपन साथियो के माध्यम से सैनिक देशवासियों को क्या संदेश देना चाहते थे?


भारतीय सैनिकों को युद्ध में किन-किन मुसीबतों का सामना करना पड़ा?


‘आज धरती बनी है दुलहन साथियो’ ऐसा सैनिकों को क्यों लग रहा है?


सैनिक अपनी जवानी को कब सार्थक मानता है?


‘कर चले हम फ़िदा’ कविता युवाओं में राष्ट्र प्रेम और देशभक्ति की भावना प्रगाढ़ करती है। स्पष्ट कीजिए।


कविता में राम, लक्ष्मण, सीता और रावण का प्रयोग किन संदर्भो में हुआ है, स्पष्ट कीजिए।


निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर लगभग 25 से 30 शब्दों में लिखिए:

‘फ़तह का जश्न इस जश्न के बाद है’- ‘कर चले हम फिदा’ कविता से उद्धृत प्रस्तुत पंक्ति में ‘इस जश्न’ से कवि का क्या आशय है और उसे बाद में मनाने के पीछे क्या कारण हैं?


निम्नलिखित पद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर के लिए सही विकल्प का चयन कीजिए -

साँस थमती गई, नब्ज़ जमती गई,
फिर भी बढ़ते कदम को न रुकने दिया,
कट गए सर हमारे तो कुछ गम नहीं,
सर हिमालय का हमने न झुकने दिया,
मरते-मरते रहा बाँकपन साथियो,
अब तुम्हारे हवाले वतन साथियो।
ज़िंदा रहने के मौसम बहुत हैं मगर
जान देने की रुत रोज़ आती नहीं
हुस्न और इश्क दोनों को रुसवा करे
वो जवानी जो खेँ में नहाती नहीं,
आज धरती बनी है दुलहन साथियों
अब तुम्हारे हवाले वतन साथियों !
  1. 'सर हिमालय का हमने न झुकने दिया' का अर्थ है -
    (A) हिमालय को सजाना। 
    (B) हिमालय की हिफाज़त करना।
    (C) भारत के गौरव को बनाए रखना। 
    (D) भारत का गुणगान करना।
  2. कवि द्वारा 'साथियो' संबोधन का प्रयोग ______ के लिए किया गया है।
    (A) कवियों
    (B) शहीदों
    (C) सैनिकों
    (D) देशवासियों
  3. 'मरते-मरते रहा बाँकपन साथियो' कवि ने ऐसा कहा है क्योंकि -
    (A) सैनिक धरती को दुल्हन की तरह सजा हुआ देखकर प्रसन्न हो गए।
    (B) सैनिकों ने मातृभूमि की रक्षा हेतु जोश और साहस से युद्ध किया।
    (C) देशवासियों को बार-बार पुकारकर सैनिकों ने उनमें देशभक्ति का भाव जगाया।
    (D) सैनिकों ने कभी भी टेढ़ेपन से बातचीत नहीं की, देश रक्षा ही एकमात्र उद्देश्य रहा।
  4. 'जान देने की रुत रोज़ आती नहीं' का भाव है -
    (A) सैनिकों के हृदय में जीवित रहने की इच्छा नहीं।
    (B) जीवित रहने का समय आनंददायक होना चाहिए।
    (C) आत्म बलिदान द्वारा भी देश की रक्षा के लिए तत्पर। 
    (D) जीवन और मरण सब कुछ ईश्वर की इच्छा पर निर्भर।
  5. इस काव्यांश का संदेश यह है कि हमें -
    (A) हुस्न और इश्क को रुसवा करना चाहिए।
    (B) देश को दूसरों के हवाले कर देना चाहिए।
    (C) धरती को दुल्हन की तरह सजाना चाहिए।
    (D) देश पर कुर्बान होने के लिए तैयार रहना चाहिए।

पद्य खंड पर आधारित निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 60 शब्दों में दीजिए -

'कर चले हम फ़िदा' गीत में कवि देशवासियों से क्या अपेक्षाएँ रखता है? हम उसकी अपेक्षाओं पर किस रूप में खरा उतर रहे हैं? तर्क सहित उत्तर दीजिए।


निम्नलिखित पठित काव्यांश पर आधारित प्रश्नों के उत्तर के लिए सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प चुनकर लिखिए -

साँस थमती गई, नब्ज़ जमती गई
फिर भी बढ़ते कदम को न रुकने दिया
कट गए सर हमारे तो कुछ गम नहीं
सर हिमालय का हमने न झुकने दिया

मरते-मरते रहा बाँकपन साथियो
अब तुम्हारे हवाले वतन साथियो

  1. 'साँस थमती गई, नब्ज़ जमती गई' पंक्त के संदर्भ में सैनिक की विशेषता को दर्शाने वाला सही विकल्प है -
    (a) दृढ़ता और कर्त्तव्य परायणता
    (b) साहस और निडरता
    (c) वीरता और निडरता
    (d) उदारता और भावुकता
  2. 'हिमालय' किसका प्रतीक है?
    (a) पर्वतों के राजा का
    (b) पर्वत शृंखला का
    (c) युद्ध के स्थल का
    (d) देश के मान का
  3. 'कट गए सर हमारे तो कुछ गम नहीं' में 'हमारे' शब्द किसके लिए प्रयुक्त हुआ है?
    (a) देश की रक्षा हेतु कुर्बान होते सैनिकों के लिए
    (b) देश की रक्षा हेतु घायल होते सैनिकों के लिए
    (c) देश की सीमाओं पर पहरा देते सैनिकों के लिए
    (d) देश के पर्वतीय हिस्सों में तैनात सैनिकों के लिए
  4. निम्नलिखित कथनों को ध्यानपूर्वक पढ़िए -
    (क) सैनिक घायल अवस्था में भी अपने कर्तव्य का निर्वाह करने से पीछे नहीं हटते।
    (ख) सैनिक युद्ध के लिए जाते समय अपने सभी उत्तरदायित्व किसी और को सौंप जाते हैं।
    (ग) सैनिक देश और देशवासियों की सुरक्षा के लिए अपने प्राणों की बाज़ी लगा देते हैं।
    (घ) सभी सैनिक मानसिक और शारीरिक रूप से मज़बूत होने के कारण ही अहंकारी होते हैं।
    उपर्युक्त कथनों के लिए काव्यांश से मेल खाते हुए उचित विकल्‍प चुनकर लिखिए:
    (a) (क) और (ख)
    (b) (क) और (ग)
    (c) (क), (ख) और (ग)
    (d) (क), (ग) और (घ)
  5. काव्यांश में देशवासियों से क्या अपेक्षा की गई है?
    (a) देश के विकास की
    (b) देश के विस्तार की
    (c) देश की रक्षा की
    (d) देश की संपन्‍नता की

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