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प्रश्न
निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपुर्वक पढ़कर उस पर आधारित प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए:
अक्सर हम अपनी बातों में अपने परिवार, समाज और देश की बात करते हैं कि यह मेरा परिवार है, यह मेरा शहर है और यह मेरा देश है, परंतु एक विचारधारा ऐसी भी है, जिसके अंतर्गत पूरी दुनिया एक ही परिवार है, सब एक दूसरे से जुड़े रहते हैं, जिसे 'वसुधैव कुटुम्बकम्' की संज्ञा से अभिहित किया गया। 'वसुधैव कुटुम्बकम्' सदियों से भारतीय दर्शन और अध्यात्म का हिस्सा है। यह सार्वभौमिक भाई-चारे और समस्त प्राणियों के अंतर्सबंध के विचार को पोषित करता है। समय के साथ-साथ 'वसुधैव कुटुम्बकम्' को भारत की सांस्कृतिक विरासत के प्रतीक के रूप में देखा जाने लगा, जो करुणा के मूल्यों, विविधता के प्रति सम्मान और दुनिया में एकता को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। वर्तमान में इसको अधिक मान्यता और लोकप्रियता प्राप्त हुई है। देखा जाए तो यह सूत्र वैश्विक सहयोग और समझ को बढ़ावा देने का सशक्त माध्यम है। इस दर्शन को व्यवहार में लाने से वैश्विक स्तर पर शांति और सहयोग को बढ़ाया जा सकता है, जो स्वयं के साथ-साथ दूसरों को भी लाभान्वित कर सके, आपसी सम्मान और समझ के माध्यम से संघर्षों को कम करके सद्भाव को बढ़ावा देने में सहायक हो सके। इस पावन धरा पर रहने वाले लोग एक ही परिवार के सदस्य हैं, इस अवधारणा का पल्लवन ही युद्ध और वैमनस्य की विभीषिका को दूर करने में सहायक हो सकता है। साहित्य, संगीत और कला की त्रिवेणी में इस अवधारणा के उपयोग के कारण यह वाक्यांश आधुनिक युग में अधिक व्यापक रूप से लोकप्रिय हुआ है। आज 'वसुधैव कुटुम्बकम्' की बढ़ती प्रासंगिकता और आवश्यकता ने भारतीय संस्कृति और साहित्य की ओर भी विश्व का ध्यान आकृष्ट करने का काम किया है, क्योंकि यह विचार भारतीय दर्शन को वैश्विक स्तर पर सशक्त बनाने के साथ विश्व को भी बंधुत्व की भावना से ओतप्रोत कर रहा है और यही नूतन रूप में वैश्वीकरण है। जिस दिन पृथ्वी के सभी लोग समस्त भेदभाव भुलाकर एक परिवार की तरह आचरण करने लगेंगे उसी दिन सच्ची मानवता का उदय होगा। |
- केवल अपने परिवार, समाज और देश की बातें करना किस विचारधारा का द्योतक है? [1]
- सीमित
- असीमित
- संकुचित
- अनुदार
- संदर्भ के अनुसार, गद्यांश में 'सार्वभौमिक' शब्द का सटीक अर्थ क्या हो सकता है? [1]
- व्यापक दृष्टिकोण
- सामूहिक रूप
- देशव्यापी
- सामान्य रूप
- निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: [1]
कथन I: संपूर्ण विश्व एक ही परिवार है।
कथन II: प्रत्येक प्राणी से वार्तालाप करना चाहिए।
कथन III: प्रत्येक व्यक्ति का सम्मान करना चाहिए।
कथन IV: मानव-मूल्यों का संवर्धन करना चाहिए।
गद्यांश के अनुसार उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?- केवल कथन I सही है।
- केवल कथन II सही है।
- केवल कथन II और III सही हैं।
- केवल कथन I और IV सही हैं।
- गद्यांश के अनुसार भारतीय दर्शन और अध्यात्म का हिस्सा है: [1]
- परोपकार की भावना
- सहानुभूति की भावना
- वसुधैव कुटुम्बकम् की भावना
- अहिंसा की भावना
- वर्तमान समय में 'वसुधैव कुटुम्बकम्' की प्रासंगिकता क्यों बढ़ रही है? [1]
- लोगों के बीच बढ़ते पारस्परिक भेदभाव के कारण।
- पृथ्वी के अलग-अलग देशों में बँट जाने के कारण।
- भारतीय संस्कृति का अभिन्न अंग होने के कारण।
- भारतीय दर्शन और अध्यात्म में इसका उल्लेख होने के कारण।
- गद्यांश में 'विविधता के प्रति सम्मान' कथन किस बात की ओर संकेत करता है? [1]
- विविध प्रयोजन
- वैश्विक समझ, सम्मान और सद्भाव
- एकता में विविधता
- विविध सरोकार
- इस पावन धरा पर रहने वाले लोग एक ही परिवार के सदस्य हैं, इस अवधारणा का पल्लवन ही: [1]
- युद्ध और संघर्ष का आतंक समाप्त कर सकता हैं।
- बेरोज़गारी समाप्त कर सकता है।
- देश से पलायन समाप्त कर सकता है।
- अशिक्षा का समाधान कर सकता है।
- साहित्य, संगीत और कला की त्रिवेणी 'वसुधैव कुटुम्बकम्' को किस प्रकार चरितार्थ करती है? [1]
- व्यक्ति-विशेष को प्रभावित करके
- समाज-विशेष को प्रभावित करके
- देश-विशेष की धरोहर बनकर
- विश्व-धरोहर बनकर
- वैश्वीकरण किस प्रकार संभव है? [1]
- विश्व बंधुत्व की भावना से
- प्रगति की भावना से
- वैमनस्य की भावना से
- वैज्ञानिक दृष्टिकोण से
- सच्ची मानवता का उदय कब होगा? [1]
- जब नैतिकता का विकास होगा।
- जब बंधुत्व की भावना से विश्व-कल्याण होगा।
- जब व्यावसायिक दृष्टिकोण होगा।
- जब गुणों का विकास होगा।
उत्तर
- संकुचित
- व्यापक दृष्टिकोण
- केवल कथन I सही है।
- वसुधैव कुटुम्बकम् की भावना
- भारतीय दर्शन और अध्यात्म में इसका उल्लेख होने के कारण।
- वैश्विक समझ, सम्मान और सद्भाव
- युद्ध और संघर्ष का आतंक समाप्त कर सकता हैं।
- विश्व-धरोहर बनकर
- विश्व बंधुत्व की भावना से
- जब बंधुत्व की भावना से विश्व कल्याण होगा।