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निम्नलिखित का आशय स्पष्ट कीजिए। भावी भूत बर्तमान जगत बखानत है 'केसोदास' क्यों हू ना बखानी काहू पै गई। - Hindi (Elective)

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प्रश्न

निम्नलिखित का आशय स्पष्ट कीजिए।

भावी भूत बर्तमान जगत बखानत है 'केसोदास' क्यों हू ना बखानी काहू पै गई।

टीपा लिहा

उत्तर

प्रस्तुत पंक्ति का आशय है कि देवी सरस्वती की महत्ता इस संसार में अद्वितीय है। प्राचीनकाल से लेकर आज तक लोग इनकी महिमा का बखान करने का प्रयास करते हैं। परन्तु न तब संभव था और न आज संभव है। इसका कारण यह है कि इनके स्वभाव में नित्य नवीनता विद्यमान रहती है। भाव यह है कि लोग उनसे चमत्कृत हो जाते हैं और उनकी बुद्धि चकरा जाती है। वह वर्णनानीत है इसलिए इनका बखान नहीं किया जा सकता है।

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रामचंद्रचंद्रिका
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पाठ 1.1: केशवदास (रामचंद्रिका) - प्रश्न-अभ्यास [पृष्ठ ६३]

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एनसीईआरटी Hindi - Antara Class 12
पाठ 1.1 केशवदास (रामचंद्रिका)
प्रश्न-अभ्यास | Q 6. (क) | पृष्ठ ६३

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