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निम्नलिखित कथन के पक्ष या विपक्ष में एक लेख लिखें - "दूसरी - दुनिया के विघटन के बाद भारत को अपनी विदेश - - Political Science (राजनीति विज्ञान)

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प्रश्न

निम्नलिखित कथन के पक्ष या विपक्ष में एक लेख लिखें - "दूसरी - दुनिया के विघटन के बाद भारत को अपनी विदेश - निति बदलनी चाहिए और रूस जैसे परंपरागत मित्र की जगह संयुक्त राज्य अमरीका से दोस्ती करने पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए।"

दीर्घउत्तर

उत्तर

"दूसरी - दुनिया के विघटन के बाद भारत को अपनी विदेश - निति बदलनी चाहिए और रूस जैसे परंपरागत मित्र की जगह संयुक्त राज्य अमरीका से दोस्ती करने पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए।" इस कथन के पक्ष में निम्नलिखित तर्क दिए जा सकते हैं - पक्ष में तर्क -

  1. राजनीति में हमेशा के लिए कोई किसी को पक्का मित्र और कोई किसी का शत्रु नहीं हो सकता। भारत की विदेश निति गुटनिरपेक्षता भी अब नहीं चल सकता क्योंकि अब दुनिया में दो नहीं बल्कि केवल एक ही महाशक्ति है और यह संयुक्त राज्य अमरीका ही हैं।
  2. अमरीका भारत की तरह ही एक उदारवादी गणतंत्रीय, लोकतंत्रात्मक संघीय राज्य है। भारत जनसंख्या की दॄष्टि से सबसे बड़ा लोकतंत्र है तो अमरीका अपनी संवैधानिक विशेषताओं एवं इतिहास के आधार पर सर्वाधिक शक्तिमान, विचारधारा की दॄष्टि से सर्याधिक सफल लोकतंत्र है।
  3. भारत जब स्वराज्य के लिए संघर्ष कर रहा था उस समय भी संयुक्त राज्य अमरीका ने भारत की जनता का समर्थन किया था तथा ब्रिटेन की सरकार पर भारत को शीघ्र स्वतंत्रता देने के लिए दबाव डाला था। स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद अनेक बार गेहूँ, सूखा दूध, धन, तकनीक आदि से अमरीका ने भारत की सहायता की थी परन्तु भारत द्वारा स्वतंत्रता प्राप्त के बाद गुटनिरपेक्ष निति का अनुसरण करने के कारण अमरीका और भारत की दुरी बढ़ती चली गई। अमरीका और भारत में मधुर संबंधो का अभाव रहा परन्तु बदलते परिप्रेक्सी में भारत - अमरीकी संबंधों में धीरे - धीरे पर्याप्त सुधार हो रहा है। शीतयुद्ध की समाप्ति के बाद से भारत की स्थिर लोकतंत्रीय व्यवस्था , भारत में उदारीकरण, भारत के प्राकृतिक संसाधन आदि के कारण भारत और अमरीका के संबंधों में निकटता आ रहे है। अमरीका राष्टपति बिल क्लिंटन की मार्च 2000 में भारत यात्रा तथा भारतीय प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपयी की सितम्बर 2000 में अमरीका यात्रा से दोनों देशों के संबंधों में प्रगाढ़ता यानि है। भारत और अमरीका दोनों ही देश अपने - अपने राष्टीय हितों के संदर्भ में एक दूसरे से निकटता बनाने में उत्सुक हैं।
  4. नवम्बर 1998 में जब पाकिस्तानी सैनिक तथा पाकिस्तान समर्थित आतंकवादियों ने कारगिल में नियंत्रण रेखा को पार किया तो अमरीका और उसके साथ अंतर्राष्टीय समुदाय के अन्य दशों ने पाकिस्तान की इस कार्यवाही की भत्स्ना की 11 सितम्बर 2001 को अमरीका में आतंकवादी हमले के समय अमरीका ने भारत, पाकिस्तान और अमरीका संबंधों एक नया अध्याय शुरू किया जिसमे अमरीका ने पाकिस्तान के साथ - साथ भारत से भी मधुर संबंध बनाने का प्रयास किया। आतंकवादी के विरुद्ध आंतराष्टीय युद्ध की आवश्यकता अनुभव की गयी। पुरे विश्व से आतंकवाद को मिटने का अमरीका द्वारा संकल्प लिया गया। इस कार्य में अमरीका भारत तथा अन्य देशों के साथ मिलकर आतंकवादी की समस्या समाप्त करना चाहता हैं। भारत भी आतंकवाद मिटने के लिए अमरीका को सहायता देने को तैयार हैं।
  5. अमरीका भारत के साथ व्यापारिक संबंधों में भी वृद्धि करने को उत्सुक है परन्तु कुछ पर्ववेक्षकों का मत है की अमरीका अपने राष्टीय हितों की साधना के लिए ही व्यापारिक संबंधों में बढ़ोत्तरी का इच्छुक है। अतः भारत को भी अमरीका से संबंध बनाते समय अपने राष्ट्रीय हितों का ध्यान में रखने हुए सतर्क रहकर ही संबंध करने चाहिए। अपनी संप्रभुता और स्वतंत्रता पर किसी प्रकार की आंच न आए इसके लिए सतर्क रहना हैं।
  6. अमरीका राष्टपति जॉर्ज बुश (जूनियर) ने भारत से अच्छे संबंध बनाने के लिए सैनिक प्रतिबंधों में ढोल दी थी। उन्होंने भारतीय नौसेना के हैलिकॉप्टरों के लिए कल - पुर्जो की भारत को बिक्री की अनुमति दी थी। भारत - अमरीका में अच्छे संबंधों के कारण ही अक्टूबर 2002 में हवाई सेना का संयुक्त सैनिक अभ्यास आगरा में हुआ था। अमरीका के प्रयास से ही भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध की संभावनाएँ समाप्त हो गई।
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संघर्ष और तनाव
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पाठ 2: दो ध्रुवीयता का अंत - प्रश्नावली [पृष्ठ ३०]

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एनसीईआरटी Political Science [Hindi] Class 12
पाठ 2 दो ध्रुवीयता का अंत
प्रश्नावली | Q 10. | पृष्ठ ३०
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