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प्रश्न
निम्नलिखित कथन को सिद्ध कीजिए।
यदि किसी काँच के आयताकार गुटके पर आने वाली प्रकाश किरण का आपतन कोण i हो और उस गुटके से बाहर निकलते समय उसका निर्गत कोण e हो तो i = e.
उत्तर
आकृति में रेखा PQ के समांतर रेखा SR है। NM अपवर्तित किरण है। इसलिए r = i1.
अब gna = `sin i/sin r`
तथा ang = `sin i_1/(sin e^')`
परंतु gna = `1/("_a n_g)`
∴ `sin i/sin r = sin e/sin i_1` अब r = i1
∴ sin i = sin e
∴ i = e
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