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प्रश्न
निम्नलिखित पद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उस पर आधारित दिए गए प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए:
सुखिया सब संसार है, खायै अरू सोवै। दुखिया दास कबीर है, जागै अरू रोवै।। बिरह भुवंगम तन बसै, मंत्र न लागै कोइ। राम बियोगी ना जिवै, जिवै तो बौरा होइ।। |
- पहले दोहे में 'सोना' और 'जागना' प्रतीकार्थ है। [1]
- अज्ञानता और ज्ञान का
- निष्क्रियता और सक्रियता का
- अचेतनता और चेतनता का
- निर्जीवता और सजीवता का
- कबीर दुखी हैं क्योंकि वे- [1]
- एकाकी जीवन व्यतीत कर रहे हैं
- ईश्वर से वियोग के कारण व्यथित हैं
- सांसारिक सुखों का भोग नहीं कर पा रहे हैं
- ईश्वरीय सत्य से लोगों को परिचित नहीं करवा पा रहे हैं
- 'मंत्र न लगना' का आशय है। [1]
- मंत्रों का निष्फल होना
- पूजा-पाठ का काम न आना
- कोई उपाय काम न आना
- मंत्रोच्चार की विधि न जानना
- राम वियोगी व्यक्ति की तुलना किससे की गई है? [1]
- विक्षिप्त व्यक्ति से
- विरह रूपी व्यक्ति से
- विष युक्त सर्प के तन से
- विरह रूपी सर्प से ग्रसित व्यक्ति से
- निम्नलिखित कथन तथा कारण को ध्यानपूर्वक पढ़िए। उसके बाद दिए गए विकल्पों में से कोई एक सही विकल्प चुनकर लिखिए: [1]
कथन: सांसारिक मनुष्य सुख-पूर्वक जीवन यापन कर रहे हैं।
कारण: वह भौतिक सुखों को ही सच्चा सुख मानते हैं ।- कथन तथा कारण दोनों गलत हैं।
- कारण सही है, किंतु कथन गलत है।
- कथन सही है, लेकिन कारण कथन की गलत व्याख्या करता है।
- कथन तथा कारण दोनों सही हैं तथा कारण कथन की सही व्याख्या करता है।
आकलन
उत्तर
- अज्ञानता और ज्ञान का
- ईश्वर से वियोग के कारण व्यथित हैं
- कोई उपाय काम न आना
- विरह रूपी सर्प से ग्रसित व्यक्ति से
- कथन तथा कारण दोनों सही हैं तथा कारण कथन की सही व्याख्या करता है।
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या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?