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निम्नलिखित पंक्तियों की व्याख्या कीजिए- पिय सौं कहेहु सँदेसड़ा, ऐ भँवरा ऐ काग।सो धनि बिरहें जरि मुई, तेहिक धुआँ हम लाग। - Hindi (Elective)

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प्रश्न

निम्नलिखित पंक्तियों की व्याख्या कीजिए-

पिय सौं कहेहु सँदेसड़ा, ऐ भँवरा ऐ काग।सो धनि बिरहें जरि मुई, तेहिक धुआँ हम लाग।

टीपा लिहा

उत्तर

दुखी नागमती भौरों तथा कौए से अपने प्रियतम के पास संदेशा ले जाने को कहती है। उसके अनुसार वे उसके विरह का हाल शीघ्र ही जाकर उसके प्रियतम को बताएँ। प्रियतम के विरह में नागमती कितने गहन दुख भोग रही है इसका पता प्रियतम को अवश्य लगा चाहिए। अतः वह उन्हें संबोधित करते हुए कहती है कि तुम दोनों वहाँ जाकर प्रियतम को मेरी स्थिति बताना और कहना की तुम्हारी पत्नी विरह रूपी अग्नि में जलते हुए मर गई है। उस अग्नि से उठने वाले काले धुएँ के कारण हमारा रंग भी काला पड़ गया है।

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बारहमासा
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पाठ 1.08: मलिक मुहम्मद जायसी (बरहमासा) - प्रश्न-अभ्यास [पृष्ठ ५२]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Hindi - Antara Class 12
पाठ 1.08 मलिक मुहम्मद जायसी (बरहमासा)
प्रश्न-अभ्यास | Q 5. (क) | पृष्ठ ५२

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