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प्रश्न
निम्नलिखित वाक्यों में से अशुद्ध वाक्य का चयन कीजिए:
पर्याय
प्राकृतिक सौंदर्यता सबका मन मोहती है।
कैदी को मुत्युवण्ड दिया गया।
हमें बड़ों की आज्ञा माननी चाहिए।
हम देशभक्तों को शत-शत नमन करते हैं।
उत्तर
प्राकृतिक सौंदर्यता सबका मन मोहती है।
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संबंधित प्रश्न
नीचे दिए गए वाक्यों में रेखांकित अंश पर ध्यान दीजिए-
- मेरा एक भाई भी पुलिस में है।
- यह तो अति सुंदर ‘डॉगी’ है।
- कल ही मैंने बिलकुल इसी की तरह का एक कुत्ता उनके आँगन में देखा था।
वाक्य के रेखांकित अंश ‘निपात’ कहलाते हैं जो वाक्य के मुख्य अर्थ पर बल देते हैं। वाक्य में इनसे पता चलता है किस बात पर बल दिया जा रहा है और वाक्य क्या अर्थ दे रहा है। वाक्य में जो अव्यय किसी शब्द या पद के बाद लगकर उसके अर्थ में विशेष प्रकार का बल या भाव उत्पन्न करने में सहायता करते हैं उन्हें निपात कहते हैं; जैसे-ही, भी, तो, तक आदि।
ही, भी, तो, तक आदि निपातों का प्रयोग करते हुए पाँच वाक्य बनाइए।
निम्न विरमचिन्ह का नाम लिखकर उनका वाक्य में प्रयोग करो :
-
निम्न शब्द का लिंग पहचानकर लिखो
बादल
निम्न शब्द का लिंग पहचानकर लिखो
तार
निम्न शब्द का लिंग पहचानकर लिखो
नोट
उपसर्ग/प्रत्यय अलग करके मूल शब्द लिखो :
भारतीय, आस्थावान, व्यक्तित्व, स्नेहिल, बेबात, निरादर, प्रत्येक, सुयोग
लकड़हारा और वन इस पाठ में प्रयुक्त कारक विभक्तियाँ ढूँढ़कर उनका वाक्यों में प्रयोग करो।
सौहार्द-सौमनस्य इस पाठ में आए अव्ययों को पहचानो और उनके भेद बताकर उनका अलग-अलग वाक्यों में प्रयोग करो।
पाँच-पाँच सहायक और प्रेरणार्थक क्रियाओं का अपने स्वतंत्र वाक्यों में प्रयोग करो।
पाठों में आए हुए उपसर्ग और प्रत्ययवाले शब्द ढूँढ़ो तथा उनके उपसर्ग/प्रत्यय अलग करके मूल शब्द लिखो।
शब्द कोश की सहायता से रेखांकित शब्द का विलोम खोजिए तथा उससे नया वाक्य लिखिए:
दसियों ने इस सुंदर प्रस्ताव का समर्थन किया।
सहायक क्रिया का वाक्य में प्रयोग कीजिए।
पड़ना
‘हीन’ शब्द का प्रयोग करके कोई तीन अर्थपूर्ण शब्द तैयार करके लिखिए:
जैसे - आत्म + हीन = आत्महीन
(च) ______
(छ) ______
(ज) ______
निम्नलिखित शब्द के युग्म शब्द बताओ और वाक्य में उचित शब्दयुग्म लिखो:
धन - ______
अथक परिश्रम से उसने ______ कमाई।
निम्नलिखित वाक्य पढ़ो और मोटे और अधोरेखित किये गए शब्द पर ध्यान दो :
छिः! तुम झूठ बोलते हो।
निम्नलिखित शब्दों के लिंग और वचन बदलकर लिखो।
स्त्रीलिंग | पुल्लिंग | ||
एकवचन | बहुवचन | एकवचन | बहुवचन |
भैंस | भैंसें | भैंसा | भैंसे |
______ | ______ | बिलाव | ______ |
घोड़ी | ______ | ______ | ______ |
______ | ______ | ______ | नाग |
______ | चुहियाँ | ______ | ______ |
सूचना, निर्देश, आदेश, अनुरोध, विनती के वाक्य विरामचिह्न सहित पढ़ो और समझो :
अपनी कृपा दृष्टि बनाए रखें।
हिंदी-मराठी के समोच्चारित शब्दों की अर्थ भिन्नता बताओ और लिखो।
मराठी अर्थ | समोच्चारित शब्द | हिंदी अर्थ |
← कल → | ||
← सही → | ||
← खोल → | ||
← आई → | ||
← परत → |
निम्नलिखित कारकों का अपने वाक्यों में प्रयोग करो।
ने | ______ |
को | ______ |
से | ______ |
को | ______ |
से | ______ |
का, की, के | ______ |
में, पर | ______ |
अरे! | ______ |
मौन वाचन करो और आपस में श्रुतलेखन करो :
१. सेवा डॉक्टर का कर्तव्य है |
२. पौधे लगाओ, प्रदुषण हटाओ |
३. राष्ट्रीय संपदा, स्वच्छ रखें सर्वदा |
४. मक्खी, मच्छर भगाओ, रोग मिटाओ |
५. रक्तदान-जीवनदान, नेत्रदान-श्रेष्ट दान |
६. विश्वास रखो, अंधविश्वास नहीं |
७. बेईमानी ठुकराओ, ईमानदारी अपनाओ |
८. इंद्रधनुष के रंगों की तरह मिलकर रहो |
निम्न शब्द के तीन पर्यायवाची शब्द रिक्त स्थान में लिखिए:-
शब्द | पर्यायवाची शब्द | |||
अरण्य |
निम्न शब्द के तीन पर्यायवाची शब्द रिक्त स्थान में लिखिए:-
शब्द | पर्यायवाची शब्द | |||
पवन |
शब्द के वचन पहचान कर परिवर्तन कीजिए एवं अपने वाक्य में प्रयोग कीजिए:-
मनुष्य
शब्द बनाइए, विग्रह कीजिए तथा विलोम शब्द लिखिए:-
विग्रह | शब्द | विलोम |
+ | उत्थान | × |
निर्देशानुसार संधि विच्छेद, संधि तथा उनका नामोल्लेख कीजिए:
संधि | संधि विच्छेद | संधि का प्रकार |
______ | नव + ऊढ़ा |
परिच्छेद में आए सर्वनामों की सूची तैयार कीजिए।
भारत में आकर हालात फिर वही थे। एवरेस्ट के लिए जितने पैसे आवश्यक थे उतने मेरे पास नहीं थे। आखिर मेरे पिता जी ने अपना घर गिरवी रखा। माँ और बहनों ने अपने गहने बेच दिए और जीजा जी ने ऋण ले लिया। सब कुछ दाँव पर लगाकर मैं एवरेस्ट चढ़ाई के लिए निकल पड़ा। काठमांडू से एवरेस्ट जाते समय ‘नामचे बाजार’ से एवरेस्ट शिखर का प्रथम दर्शन हुए। मैंने पुणे की टीम ‘सागरमाथा गिर्यारोहण संस्था’ के साथ इस मुहीम पर था। बहुत जल्द हमने १९००० फीट पर स्थित माउंट आयलैड शिखर पर चढ़ाई की। इसके बाद हम एवरेस्ट बेसकैंप में पहुँचे। चढ़ाई के पहले पड़ाव पर सागरमाथा संस्था के अध्यक्ष रमेश गुळवे जी को पक्षाघात का दौरा पड़ा। उन्हें वैद्यकीय उपचार के लिए काठमांडू से पूना ले गए किंतु उनका देहांत हो गया। मैं और मेरे सााथियों पर मानो दुख का एवरेस्ट ही टूट पड़ा। फिर भी हमने आगे बढ़ने का निर्णय लिया। |
इस निबंध के अंश पढ़कर विदेशी, तत्सम, तद्भव शब्द समझिए। इसी प्रकार के अन्य पाँच-पाँच शब्द ढूँढ़िए।
कुछ भाषाओं के शब्द किसी भी अन्य भाषा से मित्रता कर लेते हैं और उन्हीं में से एक बन जाते हैं। अंग्रेजी भाषा के कई शब्द जिस किसी प्रदेश में गए, वहॉं की भाषाओं में घुलमिल गए। जैसे- ‘बस, रेल, कार, रेडियो, स्टेशन’ आदि। कहा जाता है कि तमिळ भाषा के शब्द केवल अपने परिवार द्रविड़ परिवार तक ही सीमित रहते हैं। वे किसी से घुलना, मिलना नहीं चाहते। अलबत्ता हिंदी के शब्द मिलनसार हैं परंतु सब नहीं; कुछ शब्द तो अंत तक अपना स्वतंत्र अस्तित्व बनाए रखते हैं। अपने मूल रूप में ही वे अन्य स्थानों पर जाते हैं। कुछ शब्द अन्य भाषा के साथ इस प्रकार जुड़ जाते हैं कि उनका स्वतंत्र रूप खत्म-सा हो जाता है। हिंदी में कुछ शब्द ऐसे भी पाए जाते हैं जो दो भिन्न भाषाओं के शब्दों के मेल से बने हैं। अब वे शब्द हिंदी के ही बन गए हैं। जैसे- हिंदी-संस्कृत से वर्षगाँठ, माँगपत्र; हिंदी-अरबी/फारसी से थानेदार, किताबघर; अंग्रेजी-संस्कृत से रेलयात्री, रेडियोतरंग; अरबी/फारसी-अंग्रेजी से बीमा पाॅलिसी आदि। इन शब्दों से हिंदी का भी शब्द संसार समृद्ध हुआ है। कुछ शब्द अपनी मॉं के इतने लाड़ले होते हैं कि वे मॉं-मातृभाषा को छोड़कर औरों के साथ जाते ही नहीं। कुछ शब्द बड़े बिंदास होते हैं, वे किसी भी भाषा में जाकर अपने लिए जगह बना ही लेते हैं। शब्दों के इस प्रकार बाहर जाने और अन्य अनेक भाषाओं के शब्दों के आने से हमारी भाषा समृद्ध होती है। विशेषतः वे शब्द जिनके लिए हमारे पास प्रतिशब्द नहीं होते। ऐसे हजारों शब्द जो अंग्रेजी, पुर्तगाली, अरबी, फारसी से आए हैं; उन्हें आने दीजिए। जैसे- ब्रश, रेल, पेंसिल, रेडियो, कार, स्कूटर, स्टेशन आदि परंतु जिन शब्दों के लिए हमारे पास सुंदर शब्द हैं, उनके लिए अन्य भाषाओं के शब्दों का उपयोग नहीं होना चाहिए। हमारे पास ‘मॉं’ के लिए, पिता के लिए सुंदर शब्द हैं, जैसे- माई, अम्मा, बाबा, अक्का, अण्णा, दादा, बापू आदि। अब उन्हें छोड़ मम्मी-डैडी कहना अपनी भाषा के सुंदर शब्दों को अपमानित करना है। हमारे मुख से उच्चरित शब्द हमारे चरित्र, बुद्धिमत्ता, समझ और संस्कारों को दर्शाते हैं इसलिए शब्दों के उच्चारण के पूर्व हमें सोचना चाहिए। कम-से-कम शब्दों में अर्थपूर्ण बोलना और लिखना एक कला है। यह कला विविध पुस्तकों के वाचन से, परिश्रम से साध्य हो सकती है। मात्र एक गलत शब्द के उच्चारण से वर्षों की दोस्ती में दरार पड़ सकती हैं। अब किस समय, किसके सामने, किस प्रकार के शब्दों का प्रयोग करना चाहिए इसे अनुभव, मार्गदर्शन, वाचन और संस्कारों द्वारा ही सीखा जा सकता है। सुंदर, उपयुक्त और अर्थमय शब्दों से जो वाक्य परीक्षा में लिखे जाते हैं उस कारण ही अच्छी श्रेणी प्राप्त होती है। अनाप-शनाप शब्दों का प्रयोग हमेशा हानिकारक होता है। प्रत्येक व्यक्ति के पास स्वयं की शब्द संपदा होती है। इस शब्द संपदा को बढ़ाने के लिए साहित्य के वाचन की जरूरत होती है। शब्दों के विभिन्न अर्थों को जानने के लिए शब्दकोश की भी जरूरत होती है। शब्दकोश का एक पन्ना रोज एकाग्रता से पढ़ोगे तो शब्द संपदा की शक्ति का पता चल जाएगा। तो अब तय करो कि अपनी शब्द संपदा बढ़ानी है। इसके लिए वाचन-संस्कृति को बढ़ाओ। पढ़ना शुरू करो। तुम भी शब्द संपदा के मालिक हो जाओगे। |
रेखांकित शब्द के विलोम शब्द लिखकर नए वाक्य बनाइए।
पूर्व दिशा में सूर्योदय होता है।
रेखांकित शब्द से उपसर्ग और प्रत्यय अलग करके लिखिए:
असामाजिक गतिविधियों के कारण वह दंडित हुआ।
निम्नलिखित वाक्य के लिए एक सटीक मुहावरे का चयन कीजिए।
अपनी दुकान बेचने के सिवाय उसके पास और कोई उपाय नहीं था।