मराठी

निम्नलिखित विधि द्वारा धातुओं के शोधन के सिद्धान्तों की रूपरेखा दीजिए। वैद्युतअपघटनी परिष्करण - Chemistry (रसायन विज्ञान)

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

निम्नलिखित विधि द्वारा धातुओं के शोधन के सिद्धान्तों की रूपरेखा दीजिए।

वैद्युतअपघटनी परिष्करण

थोडक्यात उत्तर

उत्तर

वैद्युतअपघटनी परिष्करण (Electrolytic Refining) – इस विधि में अशुद्ध धातु को ऐनोड बनाते हैं। उसी धातु की शुद्ध धातु-पट्टी को कैथोड के रूप में प्रयुक्त करते हैं। इन्हें एक उपयुक्त वैद्युतअपघट्य का विलयन विश्लेषित्र में रखते हैं जिसमें उसी धातु का लवण घुला रहता है। अधिक क्षारकीय धातु विलयन में रहती है तथा कम क्षारकीय धातुएँ ऐनोड पंक (anode mud) में चली जाती हैं। इस प्रक्रम की व्याख्या, विद्युत विभव की धारणा, अधिविभव तथा गिब्ज ऊर्जा के द्वारा (उपयोग) भी की जा सकती है। ये अभिक्रियाएँ निम्नलिखित हैं –

ऐनोड पर: \[\ce{M -> M^{{n}+} + ne^-}\]

कैथोड पर: \[\ce{M^{{n}+} + ne^- -> M}\]

उदाहरण – ताँबे का शोधन वैद्युतअपघटनी विधि के द्वारा किया जाता है। अशुद्ध कॉपर ऐनोड के रूप में तथा शुद्ध कॉपर पत्री कैथोड के रूप में लेते हैं। कॉपर सल्फेट का अम्लीय विलयन विद्युत-अपघट्य होता है तथा वैद्युतअपघटन के वास्तविक परिणामस्वरूप शुद्ध कॉपर ऐनोड से कैथोड की तरफ स्थानान्तरित हो जाता है।

ऐनोड पर: \[\ce{Cu -> Cu^{2+} + 2e^-}\]

कैथोड पर: \[\ce{Cu^{2+} + 2e^- -> Cu}\]

फफोलेदार कॉपर से अशुद्धियाँ ऐनोड पंक के रूप में जमा होती हैं जिसमें एण्टिमनी, सेलीनियम टेल्यूरियम, चाँदी, सोना तथा प्लैटिनम मुख्य होती हैं। इन तत्वों की पुन: प्राप्ति से शोधन की लागत की क्षतिपूर्ति हो सकती है। जिंक को शोधन भी इसी प्रकार से किया जा सकता है।

shaalaa.com
शोधन
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 6: तत्वों के निष्कर्षण के सिद्धांत एवं प्रक्रम - अभ्यास [पृष्ठ १७३]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Chemistry [Hindi] Class 12
पाठ 6 तत्वों के निष्कर्षण के सिद्धांत एवं प्रक्रम
अभ्यास | Q 6.26 (ii) | पृष्ठ १७३
Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×