मराठी

ओल्गा टेलिस बनाम बम्बई नगर निगम मुकदमे में दिए गए फैसले के अंशों को दोबारा पढ़िए। इस फैसले में कहा गया है कि आजीविका का अधिकार जीवन के अधिकार का हिस्सा है। अपने शब्दों में लिखिए - Social Science (सामाजिक विज्ञान)

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

ओल्गा टेलिस बनाम बम्बई नगर निगम मुकदमे में दिए गए फैसले के अंशों को दोबारा पढ़िए। इस फैसले में कहा गया है कि आजीविका का अधिकार जीवन के अधिकार का हिस्सा है। अपने शब्दों में लिखिए कि इस बयान से जजों का क्या मतलब था?

थोडक्यात उत्तर

उत्तर

आजीविका का अधिकार जीवन के अधिकार का हिस्सा-

  1.  कानून के द्वारा तय की गयी प्रक्रिया जैसे मृत्युदंड देने और उसे लागू करने के अलावा और किसी तरीके से किसी की जान नहीं ली जा सकती।।
  2. जीवन के अधिकार का इतना ही महत्त्वपूर्ण पहलू आजीविका का अधिकार भी है, कोई भी व्यक्ति आजीविका के बिना जीवित नहीं रह सकता।
  3. इस मुकदमे में याचिकाकर्ता झुग्गियों और पटरियों में रहते हैं और उन्हें वहाँ से हटाने की माँग की जा रही है।
  4. अगर उन्हें झुग्गियों या पटरी से हटा दिया जाए तो उनका रोजगार भी खत्म हो जाएगा और वे अपनी आजीविका से हाथ धो बैठेंगे। इस प्रकार वे जीवन के अधिकार से भी वंचित हो जाएँगे।
shaalaa.com
न्यायालयों तक पहुंच
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 5: न्यायपालिका - अभ्यास [पृष्ठ ६४]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Civics [Hindi] Class 8
पाठ 5 न्यायपालिका
अभ्यास | Q 6. | पृष्ठ ६४
Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×