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पारिस्थितिकी सिर्फ प्राकृतिक शक्तियों तक ही सीमित क्यों नहीं है? - Sociology (समाजशास्त्र)

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प्रश्न

पारिस्थितिकी सिर्फ प्राकृतिक शक्तियों तक ही सीमित क्यों नहीं है?

थोडक्यात उत्तर

उत्तर

  • मनुष्य की क्रियाओं द्वारा पारिस्थितिकी में परिवर्तन आया है। पर्यावरण के प्राकृतिक कारक; जैसे-अकाल या बाढ़ की स्थिति आदि की उत्पत्ति भी मानवीय हस्तक्षेप के कारण होती है।
  • नदियों के ऊपरी क्षेत्र में जंगलों की अंधाधुध कटाई नदियों में बाढ़ की स्थिति को और बढ़ा देती है।
  • पर्यावरण में मनुष्य के हस्तक्षेप का एक अन्य उदाहरण विश्वव्यापी तापमान वृद्धि के कारण जलवायु में आनेवाला परिवर्तन भी है। समय के साथ पारिस्थितिकीय परिवर्तन के लिए कई बार प्राकृतिक तथा मानवीय कारणों में अंतर करना काफ़ी कठिन होता है।
  • हमारे चारों ओर कुछ ऐसे तत्व भी हैं जो पूरी तरह से मनुष्य द्वारा निर्मित है।
  • कृषि भूमि जहाँ मिट्टी तथा पानी के बचाव के कार्य चल रहे हों, खेत और पालतू पशु, कृत्रिम खाद तथा कीटनाशक का प्रयोग, यह सब स्पष्ट रूप से मनुष्य द्वारा प्रकृति में किया गया परिवर्तन है।
  • शहर के निर्माण में प्रयुक्त सीमेंट, ईंट, कंक्रीट, पत्थर, शीशा और तार हालाँकि प्राकृतिक संसाधन हैं, परंतु फिर भी ये मनुष्य की कलाकृति के उदाहरण हैं।
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पर्यावरण की प्रमुख समस्याएँ और जोखिम
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पाठ 3: पर्यावरण और समाज - अभ्यास [पृष्ठ ६९]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Sociology [Hindi] Class 11
पाठ 3 पर्यावरण और समाज
अभ्यास | Q 2. | पृष्ठ ६९
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