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प्रश्न
पाठ में इकमुश्त कर की कल्पना के स्थान पर आनुपातिक कर T = tY के साथ खुली अर्थव्यवस्था गुणक की। गणना कीजिए।
उत्तर
यदि कर = T है तो गुणक की गणना इस प्रकार होगी-
AD = a + b `("y" - "T" + bar"TR")` + I + G
AD1 = a + b`("y" - "T" - Δ"T" + "T"bar"R")` + I + G
आय का संतुलन y = AD
y1 = `1/(1-"b")("a" - "bT" + "b" bar"TR" + "I" + "G")`
Δy = y2 - y1 = `(-"b"Δ"T")/(1 - "b")`
`(Δ"y")/(Δ"T")` = कर गुड़ाक = `(-"b")/(1-"b")`
यदि कर का फलन T की जगह + y हो जाये तो
C = a + b`("y" - "tY" + bar"TR")`
अतः अनुपातिक करो से आय के स्तर पर न केवल उपभोग पहले से काम होगा, बल्कि उपभोग फलन की प्रवरता भी पहले से कम होगी
अतः ऐसे में AD = a + b (1 - b)y + `"b"bar"TR"` + I + G होगा
इससे सिद्ध होता है कि एकमुश्त कर की स्थिति में कर गुणक अधिक होता है और अनुपातिक कर की स्थिति में यह कम होता है। इकमुश्त कर की स्थिति में जब सरकारी व्यय में वृद्धि के फलस्वरूप, जब आय में वृद्धि होती है तो उपभोग में आय की वृद्धि की C गुणा वृद्धि होती है। अनुपातिक कर के साथ उपभोग में C – Ct गुणा आय में वृद्धि होती है।
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