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प्रश्न
पदार्थ के रूपांतरण में गुप्त ऊष्मा की क्या भूमिका है यह स्पष्ट कीजिए।
उत्तर
- ठोस पदार्थ को ऊष्मा देने पर प्रारंभ में उसका तापमान बढ़ता है। इस समय पदार्थ द्वारा अवशोषित ऊष्मा का उपयोग पदार्थ के कणों (अणु, परमाणु इत्यादि) की गतिज ऊर्जा बढ़ाने में होता है। इसी प्रकार उन कणों में आकर्षण बल के विरुद्ध कार्य करने अर्थात अणु/परमाणुओं के बंध क्षीण करने के लिए भी इस ऊर्जा का उपयोग किया जाता है। ऊष्मा देने की प्रक्रिया जारी रखने पर निश्चित तापमान (द्रवणांक) पर ठोस पदार्थ का द्रव में रूपांतरण होने लगता है। इस समय तापमान स्थिर रहता है तथा पदार्थ द्वारा अवशोषित ऊष्मा का उपयोग पदार्थ के कणों के मध्य बंध को तोड़ने तथा अवस्था परिवर्तन के लिए किया जाता है। इस ऊष्मा को संगलन (पिघलने) की गुप्त ऊष्मा कहते हैं।
- द्रव का उसके क्वथनांक पर गैस में रूपांतरण होते समय भी ऊष्मा अवशोषित की जाती है, परंतु तापमान नहीं बदलता। इस समय अवशोषित ऊष्मा का उपयोग द्रव के कणों के मध्य बंध को क्षीण करने के लिए तथा अवस्था परिवर्तन के लिए होता है।
- कुछ पदार्थों के बारे में उनकी निश्चित भौतिक स्थिति होते हुए ठोस का वाष्प में रूपांतरण हो सकता है। इस समय भी ऊष्म अवशोषित की जाती है, परंतु तापमान स्थिर रहता है। इस ऊष्मा को ऊर्ध्वपातन की गुप्त ऊष्मा कहते हैं।
- गुप्त ऊष्मा का अर्थ है, पदार्थ के स्थिर तापमान पर अवस्था परिवर्तन होते समय पदार्थ द्वारा अवशोषित (ग्रहण) अथवा बाहर दी गई ऊष्मा। द्रव का ठोस में रूपातंरण होते समय यह गुप्त ऊष्मा पदार्थ द्वारा बाहर निकाल दी जाती है।
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पदार्थ का द्रव से ठोस में रूपांतरण होते समय पदार्थ की गुप्त ऊष्मा ______
गुप्त ऊष्मा का क्या तात्पर्य है? पदार्थ की गुप्त ऊष्मा पदार्थ से बाहर निकलने पर पदार्थ की अवस्थाएँ कैसे परिवर्तित होंगी?
हवा संतृप्त है या असंतृप्त यह किस आधार पर स्पष्ट करोगे?
निम्नलिखित परिच्छेद का वाचन करो और पूछे गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए।
गर्म और ठंड़ी वस्तु को एक साथ रखने पर गर्मवस्तु का तापमान कम होता है और ठंड़ी वस्तु का तापमान बढ़ता है। जब तक दोनों वस्तुओं का तापमान समान होने तक यह क्रिया निरंतर होती रहती है। इस क्रिया में गर्मवस्तु ऊष्मा खो देती है तथा ठंडी वस्तु ऊष्मा को ग्रहण करती है। इन दोनों वस्तुओं की प्रणाली (system) वायुमंड़ल से अलग करने पर प्रणाली से ऊष्मा अंदर भी नही आयेगी अथवा बाहर भी नही जायेगी। ऐसी स्थिती में हमें निम्नलिखित तत्त्व प्राप्त होता है |
गर्म वस्तु द्वारा खोई गई ऊष्मा = ठंडी वस्तु द्वारा ली गई ऊष्मा इस तत्त्व को ऊष्मा विनिमय का तत्व कहते है।
अ. ऊष्मा का स्थानांतरण कहाँ से कहाँ होता है?
आ. ऐसी स्थिती में हमें ऊष्मा के कौन-से सिद्धांत का बोध होता है?
इ. इस सिद्धांत को संक्षिप्त में स्पष्ट कीजिए?
ई. इस सिद्धांत का उपयोग पदार्थके किस गुणधर्म के मापन के लिए किया जाता है ?
एक ऊष्मारोधक पात्र में 150g द्रव्यमान का 0°C तापमान का बर्फ रखा है। 100°C तापमान की कितनी ग्रॅम भाप मिलाने पर 50°C तापमान का पानी तैयार होगा?
(बर्फ पिघलने की गुप्त ऊष्मा = 80 cal/g,
पानी के उबलने की गुप्त ऊष्मा %3 540cal /g,
पानी की विशिष्ट ऊष्माधारिता 1 cal/g)
नीचे दिये गये आलेख का निरीक्षण करके पूछे गये प्रश्नों के उत्तर लिखिये:
- यह आलेख क्या दर्शाता है ?
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- रेखा BC क्या दर्शाती है ?