मराठी
महाराष्ट्र राज्य शिक्षण मंडळएस.एस.सी (इंग्रजी माध्यम) इयत्ता ७ वी

पंडित जवाहरलाल नेहरू जी द्वारा लिखित 'पिता के पत्र पुत्री के नाम' पुस्तक पढ़ो। - Marathi (Second Language) [मराठी (द्वितीय भाषा)]

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प्रश्न

पंडित जवाहरलाल नेहरू जी द्वारा लिखित 'पिता के पत्र पुत्री के नाम' पुस्तक पढ़ो।

सविस्तर उत्तर

उत्तर

पिता के पत्र पुत्री के नाम यह पुस्तक 30 पत्रों का संग्रह है, जो पं. नेहरू जी ने अपनी बेटी इंदिरा को लिखे थे जब वह केवल 10 वर्ष की थीं और नेहरू जी जेल में थे। उन्होंने इन पत्रों के माध्यम से अपनी पुत्री को दुनिया, इतिहास, प्रकृति और सभ्यता के बारे में समझाया।

इतिहास केवल राजा-महाराजाओं की लड़ाइयों का वर्णन नहीं है, यह आम लोगों के जीवन और उनकी सभ्यता की कहानी है। एक पत्र में नेहरू जी लिखते हैं —
"इतिहास में केवल युद्धों का वर्णन नहीं होता, बल्कि यह जानना जरूरी होता है कि लोग कैसे रहते थे, क्या खाते थे, क्या सोचते थे।" उन्होंने इंदिरा को प्रकृति के प्रति संवेदनशील और जिज्ञासु बनने की सलाह दी। उदाहरण: "तुम पक्षियों को देखो, तितलियों को देखो – वे तुम्हें जीवन की सुंदरता सिखाएँगी।" उन्होंने यह समझाया कि सच्ची स्वतंत्रता क्या होती है और भारत की आज़ादी का क्या महत्व है।

"पिता के पत्र पुत्री के नाम" सिर्फ एक पुस्तक नहीं, बल्कि ज्ञान और संवेदनशीलता की मशाल है, जिसे पं. नेहरू जी ने अपनी बेटी के माध्यम से देश के बच्चों तक पहुँचाया। यह किताब आज भी उतनी ही प्रासंगिक और प्रेरणादायक है।

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पाठ 1.2: ऐसे उतारी आरती - पाठ्य प्रश्न [पृष्ठ ७]

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बालभारती Integrated 7 Standard Part 4 [Hindi Medium] Maharashtra State Board
पाठ 1.2 ऐसे उतारी आरती
पाठ्य प्रश्न | Q ९. | पृष्ठ ७
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