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प्रश्न
प्राकृतिक घटकों पर आधारित पहेलियाँ बनाइए और संकलन कीजिए।
थोडक्यात उत्तर
उत्तर
- एक थाल मोती से भरा,
सबके सिर पर औंधा धरा।
चारों ओर वह थाली फिरे,
मोती उससे एक न गिरे। - आकाश - प्रथम कटे तो मल बनता हूँ।
मध्य कटे तो कल।
अंत कटे तो कम होता हूँ।
करो पहेली हल। - कमल - चाँदी जैसे रंग हमारे,
चम-चम करते आते हैं।
सूरज के आने से पहले,
हम घर में छिप जाते हैं। - तारे - गर्मी में मुझसे घबराते।
जाड़े में सब मुझको खाते।
मुझसे है हर चीज चमकती।
दुनिया भी है खूब दमकती। - धूप - पानी से निकला दरख्त एक
पात नहीं पर डाल अनेक।
इस दरख्त की ठंडी छाया
नीचे कोई बैठ न पाया। - फुहारा
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ऐ सखि !
या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 1.06: ऐ सखि ! (पूरक पठन) - पाठ से आगे [पृष्ठ २०]
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मुकरियों के आधार पर निम्नलिखित शब्दों की विशेषताएँ लिखिए:
अ. क्र. | शब्द | विशेषता |
१ | तोता | राम भजन किए बिना कभी न सोने वाला |
२ | नीर | ______ |
३ | अंजन | ______ |
४ | ढोल | ______ |
भावार्थ लिखिए:
रात समय वह मेरे आवे। भोर भये वह घर उठि जावे।।
यह अचरज है सबसे न्यारा। ऐ सखि साजन? ना सखि तारा।।
भावार्थ लिखिए:
अति सुरंग है रंग रॅंगीलो। है गुणवंत बहुत चटकीलो।।
राम भजन बिन कभी न सोता। क्यों सखि साजन ? ना सखि तोता।।
भावार्थ लिखिए :
बिन आए सबहीं सुख भूले। आए ते अँग-अँग सब फूले।।
सीरा भई लगावत छाती। क्यों सखि साजन? ना सखि पाती।।
"ऐ सखि !" पूरक पठन का रचना बोध लिखिए।