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प्रस्तुत कविता में कवि ने प्रकृति की व्यापकता का वर्णन किन रुपों में किया है? - Hindi Course - A

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प्रश्न

प्रस्तुत कविता में कवि ने प्रकृति की व्यापकता का वर्णन किन रुपों में किया है?

एका वाक्यात उत्तर

उत्तर

प्रस्तुत कविता में कवि ने प्रकृति की व्यापकता का वर्णन मन के उल्लास के रुप में किया है। मन में अगर उल्लास भरा होता है तो हमें अपने आस-पास की दुनिया अत्यंत सुंदर लगती है।

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अट नहीं रही है
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पाठ 5: सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला' - उत्साह और अट नहीं रही है - अट नहीं रही है [पृष्ठ ३५]

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एनसीईआरटी Hindi - Kshitij Part 2 Class 10
पाठ 5 सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला' - उत्साह और अट नहीं रही है
अट नहीं रही है | Q 3 | पृष्ठ ३५

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