Advertisements
Advertisements
प्रश्न
प्रेमचंद का जूता फटने के प्रति लेखक ने क्या-क्या आशंका प्रकट की है?
उत्तर
प्रेमचंद का जूता फटने के प्रति लेखक ने दो आशंकाएँ प्रकट की हैं-
- बनिए के तगादे से बचने के लिए मील-दो मील का चक्कर प्रतिदिन लगाकर घर पहुँचना।
- सदियों से परत दर परत जमी किसी चीज़ पर ढोकर मार-मारकर जूता फाड़ लेना।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
लेखिका ने अपनी नानी, माँ और परदादी में क्या समानता देखी? उसने अपनी परदादी के संबंध में ऐसा क्यों कहा है?
कांजीहौस में कैद पशुओं की हाज़िरी क्यों ली जाती होगी?
“दो बैलों की कथा’ पाठ में लेखक ने ‘सीधेपन’ के संबंध में क्या कहा है? इसके लिए उसने क्या-क्या उदाहरण दिए हैं?
अपनी यात्रा के दौरान लेखक को किन कठिनाइयों का सामना करना पड़ा?
तिब्बत में डाकुओं को कानून का भय क्यों नहीं है?
धीरे-धीरे सब कुछ बदल रहा है।
इस वाक्य में 'बदल रहा है' क्रिया है। यह क्रिया कैसे हो रही है -धीरे-धीरे। अत: यहॉँ धीरे-धीरे क्रिया-विशेषण है। जो शब्द क्रिया की विशेषता बताते हैं, क्रिया-विशेषण कहलाते हैं। जहाँ वाक्य में हमें पता चलता है क्रिया कैसे, कब, कितनी और कहाँ हो रही है, वहाँ वह शब्द क्रिया-विशेषण कहलाता है।
(क) ऊपर दिए गए उदाहरण को ध्यान में रखते हुए क्रिया-विशेषण से युक्त लगभग पाँच वाक्य पाठ में से छाँटकर लिखिए।
(ख) धीरे-धीरे, ज़ोर से, लगातार, हमेशा, आजकल, कम, ज़्यादा, यहाँ, उधर, बाहर - इन क्रिया-विशेषण शब्दों का प्रयोग करते हुए वाक्य बनाइए।
(ग) नीचे दिए गए वाक्यों में से क्रिया-विशेषण और विशेषण शब्द छाँटकर अलग लिखिए -
वाक्य | क्रिया-विशेषण | विशेषण |
1. कल रात से निरंतर बारिश हो रही है। |
||
2. पेड़ पर लगे पके आम देखकर बच्चों के मुँह में पानी आ गया। | ||
3. रसोईघर से आती पुलाव की हलकी खुशबू से मुझे ज़ोरों की भूख लग आई। | ||
4. उतना ही खाओ जितनी भूख है। | ||
5. विलासिता की वस्तुओं से आजकल बाज़ार भरा पड़ा है। |
‘व्यक्तियों की केंद्रिकता’ से क्या तात्पर्य है? ‘उपभोक्तावाद की संस्कृति’ पाठ के आधार पर स्पष्ट कीजिए।
बालिका मैना के चरित्र की कौन-कौन सी विशेषताएँ आप अपनाना चाहेंगे और क्यों?
सेनापति ‘हे’ दुखी होकर नाना साहब के राजमहल से क्यों चले गए?
महादेवी जी के इस संस्मरण को पढ़ते हुए आपके मानस-पटल पर भी अपने बचपन की कोई स्मृति उभरकर आई होगी, उसे संस्मरण शैली में लिखिए।