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पृथ्वी पर वायुमंडलीय सामान्य परिसंचरण का वर्णन करते हुए चित्र बनाएँ। 30° उत्तरी व दक्षिणी अक्षांशों पर उपोष्ण कटिबंधीय उच्च वायुदाब के संभव कारण बताएँ। - Geography (भूगोल)

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प्रश्न

पृथ्वी पर वायुमंडलीय सामान्य परिसंचरण का वर्णन करते हुए चित्र बनाएँ। 30° उत्तरी व दक्षिणी अक्षांशों पर उपोष्ण कटिबंधीय उच्च वायुदाब के संभव कारण बताएँ।

थोडक्यात उत्तर

उत्तर

वायुमंडलीय परिसंचरण महासागरीय जल को गतिमान करता है जो पृथ्वी की जलवायु को प्रभावित करता है। विषुवतीय क्षेत्र जहाँ उच्च तापमान है, वहाँ निम्न दाब है। निम्न तापमान वाले ध्रुवीय क्षेत्रों में वायुदाब उच्च है। 30° उत्तर एवं दक्षिण अक्षांशों के पास दो उपोष्ण उच्चूदाब के और 60° उत्तर तथा दक्षिण अक्षांशों के पास दो उपध्रुवीय निम्न दाब के मध्यवर्ती क्षेत्र हैं।

उच्च सूर्यातप व निम्न वायुदाब होने से अंतर उष्णकटिबंधीय अभिसरण क्षेत्र पर वायु संवहन धाराओं के रूप में ऊपर उठती है। उष्णकटिबंधों से आने वाली पवनें इस निम्न दाब क्षेत्र में अभिसरण करती हैं। अभिसरित वायु संवहन कोष्ठों के साथ ऊपर उठती है। यह क्षोभमंडल के ऊपर 14 कि.मी. की ऊँचाई तक ऊपर चढ़ती है और फिर ध्रुवों की तरफ प्रवाहित होती है। इसके परिणामस्वरूप लगभग 30° उत्तर व 30° दक्षिण अक्षांश पर वायु एकत्रित हो जाती है।

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वायुमंडल का सामान्य परिसंचरण
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 10: वायुमंडलीय परिसंचरण तथा मौसम प्रणालियाँ - अभ्यास [पृष्ठ ९८]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Fundamentals of Physical Geography [Hindi]
पाठ 10 वायुमंडलीय परिसंचरण तथा मौसम प्रणालियाँ
अभ्यास | Q 3. (ii) | पृष्ठ ९८
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