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प्रकीर्णन का कौन-सा माप सबसे अधिक अस्थिर है तथा क्यों? - Geography (भूगोल)

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प्रश्न

प्रकीर्णन का कौन-सा माप सबसे अधिक अस्थिर है तथा क्यों?

थोडक्यात उत्तर

उत्तर

प्रकीर्णन को मापने के लिए अनेक विधियाँ प्रयोग में लाई जाती हैं। जैसे-विस्तार, चतुर्थक विचलन, माध्य विचलन, मानक विचलन, विचरण गुणांक तथा लॉरेंज वक्र आदि। इनमें से प्रत्येक विधि के अपने विशेष गुण तथा सीमाएँ हैं। किंतु विस्तार अथवा परिसर द्वारा परिकलित माप सबसे अधिक अस्थिर है। क्योंकि इसे श्रेणी के सबसे । उच्चतम मान में से-न्यूनतम मान को घटाकर प्राप्त किया जाता है। जैसे-निम्नलिखित अवर्गीकृत आंकड़ों के आधार पर दैनिक मजदूरी के वितरण के लिए विस्तार की गणना कीजिए – रु० 80, 85, 95, 100, 110, 120, 200 है। विस्तार/परिसर की गणना के लिए सूत्र है- R = L – S, R = परिसर (Range), L = उच्चतम मान (Largest Value) S = निम्नतम मान (Smallest Value) यहाँ L = 200, तथा S = 200 हैअतः R= L – S अर्थात् R = 200 – 80 = 120 यदि इस श्रेणी में से अंतिम माने = 200 को हटा दें तब R = 120 – 80 = 40 इस तरह केवल एक मान को हटाने पर R का मान घटकर केवल एक-तिहाई रह गया है।
अतः दो चरम मानों पर आधारित परिणाम भ्रामक, अवास्तविक व अविश्वसनीय होते हैं।

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प्रकीर्णन के माप
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पाठ 2: आंकड़ों का प्रक्रमण - अभ्यास [पृष्ठ ३१]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Practical Work in Geography [Hindi] Class 12
पाठ 2 आंकड़ों का प्रक्रमण
अभ्यास | Q 3. (iv) | पृष्ठ ३१
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