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प्रश्न
प्रवाह तालिका पूर्ण कीजिए :
कृष्ण विरह में राधा की स्थिति |
↓ |
↓ |
↓ |
तक्ता
उत्तर
कृष्ण विरह में राधा की स्थिति |
↓ |
अत्यंत उदास हैं | |
↓ |
मुँह नीचे किए रहती हैं, अन्यत्र नहीं देखती हैं | |
↓ |
केश छूटे हुए हैं | |
↓ |
बदन कुम्हला गया है | |
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ब्रजवासी
या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
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संजाल पूर्ण कीजिए :
कृति कीजिए :
संजाल पूर्ण कीजिए :
दूसरे पद का सरल अर्थ लिखिए |
प्रीति करि काहू सुख न लह्यौ।
प्रीति पतंग करी पावक सौं, आपै प्रान दह्यौ।।
अलिसुत प्रीति करी जलसुत सौं, संपुट मांझ गह्यौ।
सारंग प्रीति करी जु नाद सौं, सन्मुख बान सह्यौ।।
हम जो प्रीति करी माधव सों, चलत न कछू कह्यौ।
सूरदास प्रभु बिनु दुख पावत, नैननि नीर बह्यौ।।
निम्न मुद्दों पर आधारित पद्य (ब्रजवासी) का विश्लेषण कीजिए:
- रचनाकार का नाम - [1]
- रचना की विधा - [1]
- पसंदीदा पंक्ति - [1]
- पसंद होने के कारण - [1]
- कविता प्राप्त प्रेरणा/संदेश - [2]