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प्रश्न
'पूरक पाठ्य-पुस्तक' के पाठ पर आधारित निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर लगभग 50-60 शब्दों में लिखिए -
कृतिकार की ईमानदारी से आप क्या समझते हैं? 'मैं क्यों लिखता हूँ' के लेखक ने इस ईमानदारी के समक्ष किस तरह की लेखकीय विवशताओं का उल्लेख किया है?
उत्तर
लेखक को विश्वास है कि सच्चा लेखन भावनाओं, भावुकता और आंतरिक अनुभव से प्रेरित होता है। लेखन की विवशता मन के अंदर छिपी हुई भावनाओं और अनुभूतियों के साथ जागती है, बाहरी घटनाओं से नहीं। एक कवि तब तक उन भावनाओं को व्यक्त करने के लिए लिखने में सक्षम नहीं होता जब तक उनका हृदय उन अनुभवों के कारण संवेदनशील नहीं होता। लेखक बताता है कि वह लिखने से मन के दबाव से मुक्त होता है, यानी लेखन उसके भावों और भावनाओं को आवगत करने का एक माध्यम बनता है। कई बार लेखक का मन शायद लेखन के लिए उत्सुक नहीं होता, लेकिन फिर भी प्रकाशक की विनती पर उसे लेखन के लिए प्रेरित कर देती है। इसके अलावा, आर्थिक संबंधों के कारण भी लेखक को लेखन के लिए विवश करता है।
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