आज शहरी और ग्रामीण जीवन में अकेलापन एक आम समस्या बन गई है। 'हरिहर काका' पाठ में हरिहर काका का अकेलापन इस बात को दर्शाता है कि जब परिवार और समाज से जुड़ाव टूट जाता है, तो व्यक्ति आंतरिक रूप से टूट जाता है। इससे मुक्त होने के लिए सबसे पहले पारिवारिक संबंधों को मजबूत करना आवश्यक है। बुजुर्गों को सम्मान, स्नेह और समय देना चाहिए ताकि वे परिवार का अभिन्न हिस्सा महसूस करें। इसके साथ ही, सामुदायिक कार्यक्रमों, मेलजोल और सामाजिक गतिविधियों को बढ़ावा देकर अकेलेपन की भावना को कम किया जा सकता है। इन प्रयासों से व्यक्ति सामाजिक और भावनात्मक रूप से सुरक्षित महसूस करेगा।
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प्रश्न
पूरक पुस्तक 'संचयन' पर आधारित निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 40-50 शब्दों में लिखिए:
आज शहरी एवं ग्रामीण जीवन में अकेलापन एक आम समस्या हो गई है। इससे कैसे मुक्त हुआ जा सकता है। 'हरिहर काका' पाठ के संदर्भ में युक्तियुक्त उत्तर दीजिए।
लघु उत्तर
उत्तर
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या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?