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रामचंद्र मोहन और मुंशी जी खाते समय रोटी न लेने के लिए बहाने करते हैं, उसमें कैसी विवशता है? स्पष्ट कीजिए। - Hindi (Elective)

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प्रश्न

रामचंद्र मोहन और मुंशी जी खाते समय रोटी न लेने के लिए बहाने करते हैं, उसमें कैसी विवशता है? स्पष्ट कीजिए।

थोडक्यात उत्तर

उत्तर

सब जानते हैं कि घर में पेटभर भोजन करने के लिए अन्न नहीं है। सिद्धेश्वरी रोटी देने पर ज़ोर डालकर उन्हें यही साबित करना चाहती है कि अन्न भरा पड़ा है। किसी को चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। रामचंद्र तथा मुंशी जी स्थिति से वाकिफ हैं। वे रोटी न लेने के लिए बहाने बनाकर सिद्धेश्वरी को धोखा देने का प्रयास करते हैं कि उन्हें भूख नहीं है। यह उनकी विवशता है कि वे आधे पेट होने पर भी पेट भरे होने की बात कह रहे हैं। यह उनकी गरीबी है, जो उनसे झूठ बुलवा रही है।

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दोपहर का भोजन
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पाठ 1.2: दोपहर का भोजन - प्रश्न-अभ्यास [पृष्ठ ३३]

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एनसीईआरटी Hindi - Antar Class 11
पाठ 1.2 दोपहर का भोजन
प्रश्न-अभ्यास | Q 6. | पृष्ठ ३३

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