Advertisements
Advertisements
प्रश्न
रबड़ के वल्कनीकरण के मुख्य उद्देश्य की विवेचना कीजिए।
उत्तर
प्राकृतिक रबड़ उच्च ताप (> 335 K) पर नर्म और निम्न ताप (< 283 K) पर भंगुर हो जाता है एवं उच्च जल अवशोषण क्षमता प्रदर्शित करता है। यह अध्रुवीय विलायकों में घुलनशील है और ऑक्सीकरण कर्मकों के आक्रमण के प्रति प्रतिरोधी नहीं है। इन भौतिक गुणों में सुधार के लिए वल्कनीकरण की प्रक्रिया की जाती है। इस प्रक्रिया में अपरिष्कृत रबड़ को सल्फर और उपयुक्त योगजों के साथ 373 K से 415 K के ताप परास के मध्य गर्म किया जाता है। वल्कनीकरण से द्विबन्धों की अभिक्रियाशील स्थितियों पर सल्फर तिर्यक बन्ध बनाता है और इस प्रकार रबड़ कठोर हो जाता है।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
निम्नलिखित बहुलक को बनाने वाले एकलक के नाम लिखिए -
समबहुलक और सहबहुलक पदों (शब्दों) में विभेद कर प्रत्येक को एक उदाहरण दीजिए।
\[\ce{(NH-CHR-CO)_\text{n}}\], एक समबहुलक है या सहबहुलक?
सहबहुलकन पद (शब्द) की व्याख्या कीजिए और दो उदाहरण दीजिए।
तापदृढ़ बहुलक को परिभाषित कीजिए और उदाहरण दो।
निम्नलिखित बहुलक को प्राप्त करने के लिए प्रयुक्त एकलक लिखिए-
पॉलिवाइनिल क्लोराइड
नाइलॉन-6 और नाइलॉन-6, 6 में पुनरावृत्त एकलक इकाइयाँ क्या हैं?
निम्नलिखित बहुलक के एकलक का नाम और संरचना लिखिए:
ब्यूना - S
निम्नलिखित बहुलक के एकलक का नाम और संरचना लिखिए:
निओप्रीन
निम्नलिखित बहुलक संरचना के एकलक की पहचान कीजिए-