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रेखांकित चित्र की सहायता से विभिन्न उपकला ऊतकों का वर्णन कीजिए। - Biology (जीव विज्ञान)

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प्रश्न

रेखांकित चित्र की सहायता से विभिन्न उपकला ऊतकों का वर्णन कीजिए।

थोडक्यात उत्तर

उत्तर

उपकला ऊतक:
संरचना तथा कार्यों के आधार पर उपकला ऊतक को दो समूहों में बाँटा जाता है-आवरण उपकला तथा ग्रन्थिल उपकला।

(क) आवरण उपकला:
यह अंगों तथा शरीर सतह को ढके रखता है। यह सरल तथा संयुक्त दो प्रकार की होती है

1. सरल उपकला या सामान्य एपिथीलियम:
यह उपकला उन स्थानों पर पाई जाती है, जो स्रावण, अवशोषण, उत्सर्जन आदि का कार्य करते हैं। यह निम्नलिखित पाँच प्रकार की होती हैं

(i) सरल शल्की उपकला:
कोशिकाएँ चौड़ी, चपटी, बहुभुजीय तथा परस्पर सटी रहती है। शल्की उपकला वायु कूपिकाओं, रुधिर वाहिनियों के आन्तरिक स्तर, हृदय के भीतरी स्तर, देहगुहा के स्तरों आदि में पाई जाती हैं।

(ii) सरल स्तम्भी उपकला:
इस उपकला की कोशिकाएँ लम्बी तथा परस्पर सटी होती हैं। आहारनाल की भित्ति का भीतरी स्तर इसी उपकला का बना होता है। ये पचे हुए खाद्य पदार्थों का अवशोषण भी करती हैं।

(iii) सरल घनाकार उपकला:
इस उपकला की कोशिकाएँ घनाकार होती हैं। यह ऊर्तक श्वसनिकाओं, मूत्रजनन नलिकाओं, जनन ग्रन्थियों आदि में पाया जाता है। जनन ग्रन्थियों में यह ऊतक जनन उपकला कहलाता है।

(A) शल्की, (B) स्तम्भी, तथा (C) घनाकार

(iv) पक्ष्माभी उपकला:
इसकी कोशिकाएँ स्तम्भाकार अथवा घनाकार होती हैं। इन कोशिकाओं के बाहरी सिरों पर पक्ष्म या सीलिया होते हैं। प्रत्येक पक्ष्म के आधार पर आधार कण होता है। पक्ष्मों की गति द्वारा श्लेष्म तथा अन्य पदार्थ आगे की ओर धकेले जाते हैं। यह उपकला श्वासनाल, अण्डवाहिनी, गर्भाशय आदि में पाई जाती है।

(A) सरल स्तम्भी पक्ष्माभी उपकला, (B) कूट स्तरित पक्ष्माभी उपकला

(v) कूटस्तरित उपकला:
यह सरल स्तम्भाकार उपकला को रूपान्तरित स्वरूप है। इसमें कोशिकाओं के मध्य गोब्लेट या म्यूकस कोशिकाएँ स्थित होती हैं। ये ट्रेकिया, श्वसनियों, ग्रसनी, नासिका गुहा, नर मूत्रवाहिनी आदि में पाई जाती हैं।

2. संयुक्त या स्तरित एपिथीलियम या उपकला
इसमें उपकला अनेक स्तरों से बनी होती है। कोशिकाएँ विभिन्न आकार की होती हैं। कोशिकाएँ आधारकला पर स्थित होती हैं। सबसे निचली पर्त की कोशिकाएँ निरन्तर विभाजित होती रहती हैं। बाहरी स्तर की कोशिकाएँ मृत होती हैं। कोशिकाओं की संरचना के आधार पर ये निम्नलिखित प्रकार की होती हैं

(i) स्तरित शल्की उपकला
इसमें सबसे बाहरी स्तर की कोशिकाएँ चपटी वे शल्की होती हैं तथा सबसे भीतरी स्तर की कोशिकाएँ स्तम्भी या घनाकार होती हैं। आधारीय जनन स्तर की कोशिकाओं में निरन्तर विभाजन होने से त्वचा के क्षतिग्रस्त होने पर इसका पुनरुदभवन होता रहता है। स्तरित शल्की उपकला किरेटिनयुक्त या किरेटिनविहीन होती है। स्तरित शल्की उपकला त्वचा की अधिचर्म, मुखगुहा, ग्रसनी, ग्रसिका, योनि, मूत्रनलिका, नेत्र की कॉर्निया, नेत्र श्लेष्मा आदि में पाई जाती हैं।

(ii) अन्तवर्ती या स्थानान्तरित उपकला:
इसमें आधारकला तथा जनन स्तर नहीं होता है। इसकी कोशिकाएँ लचीले संयोजी ऊतक पर स्थित होती हैं। सजीव कोशिकाएँ परस्पर अंगुली सदृश प्रवर्धा द्वारा जुड़ी रहती हैं। ये कोशिकाएँ फैलाव व प्रसार के लिए रूपान्तरित होती हैं। यह मूत्राशय, मूत्रवाहिनियों की भित्ति का भीतरी स्तर बनाती हैं।

(iii) तन्त्रिका संवेदी उपकला:
यह स्तम्भकार उपकला के रूपान्तरण से बनती है। कोशिकाओं के स्वतन्त्र सिरों पर संवेदी रोम होते हैं। कोशिका के आधार से तन्त्रिका तन्तु निकलते हैं। यह नेत्र के रेटिना, घ्राण अंग की श्लेष्मिक कला,अन्त:कर्ण की उपकला आदि में पाई जाती है।

(A) स्तरित शल्की उपकला, (B) अंतवर्ती उपकला, (C) तांत्रिक संवेदी उपकला

(ख) ग्रन्थिल उपकला।
ये घनाकार या स्तम्भाकार उपकला से विकसित होती हैं। ग्रन्थिल कोशिकाएँ एकाकी या सामूहिक होती हैं।

1. एककोशिकीय ग्रन्थियाँ:
ये स्तम्भकार उपकला में एकल रूप में पाई जाती हैं। इन्हें श्लेष्म या गॉब्लेट कोशिकाएँ कहते हैं।

2. बहुकोशिकीय ग्रन्थियाँ
ये उपकला के अन्तर्वलन से बनती हैं। इसका निचला भाग स्रावी तथा ऊपरी भाग नलिकारूपी होता है; जैसे-स्वेद ग्रन्थियाँ, जठर ग्रन्थियाँ आदि। रचना के आधार पर बहुकोशिकीय ग्रन्थियाँ नलिकाकार, कूपिकाकार होती हैं। ये सरल, संयुक्त अथवा मिश्रित प्रकार की होती हैं। स्वभाव के आधार पर ग्रन्थियाँ मोरोक्राइन, एपोक्राइन या होलोक्राइन प्रकार की होती हैं।

विभिन्न प्रकार की सरल बहुकोशिकीय ग्रंथियाँ | 

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प्राणि (जंतु) ऊतक - उपकला (अभिस्तर) ऊतक
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निम्न क्या हैं तथा प्राणियों के शरीर में कहाँ मिलते हैं?

पक्ष्माभ उपकला


स्तंभ-I और स्तंभ-II को सुमेलित कीजिए: 

स्तंभ-I स्तंभ-II
(क) संयुक्त उपकला (i) आहारनाल
(ख) संयुक्त नेत्र (ii) तिलचिट्टे
(ग) पट्टीय वृक्कक (iii) त्वचा
(घ) खुला परिसंचरण तंत्र (iv) किर्मीर दृष्टी
(ड) आंत्रवलन (v) केंचुआ
(च)  अस्थि अणु (vi) शिश्न खंड
(छ) जननेन्द्रिय (vii) अस्थि

निम्न में विभेद कीजिए |

वसामय तथा रुधिर ऊतक


एरिओलर ऊतक के क्या कार्य हैं?


गलत वाक्य चुनिए -


निम्नलिखित के बारे में सही (T) अथवा गलत (F) लिखिए -

उपकला स्तर बाहरी वातावरण तथा शरीर के मध्य पदार्थों के नियमन को नहीं होने देता


पक्ष्माभिका उपकला कोशिकाएँ हमारे शरीर के ______  में पाई जाती हैं।


उपकला ऊतकों के विभिन्न प्रकारों की संरचना एवं कार्यों का वर्णन कीजिए। उपकला ऊतक के कई तरह के चित्र भी बनाइए।


नीचे दिए हुए कथन में गलती है। इस कथन के एक या दो शब्द बदलकर उसे सही कर पुन: लिखिए।

श्वसनमार्ग में सरल पट्टकी अभिस्तर ऊतक होते हैं।


नीचे पूछे गए ऊतक का नाम लिखिए।

मुँह के आंतरिक स्तर के ऊतक


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