मराठी
महाराष्ट्र राज्य शिक्षण मंडळएस.एस.सी (इंग्रजी माध्यम) इयत्ता ७ वी

रंग कैसे बनते हैं? ढूँढ़ो और उनके उपयोग पढ़ो: प्राकृतिक रंग, कृत्रिम रंग - Marathi (Second Language) [मराठी (द्वितीय भाषा)]

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प्रश्न

दीर्घउत्तर

उत्तर

रंग मुख्य रूप से दो प्रकार के होते हैं: प्राकृतिक रंग और कृत्रिम रंग।

  1. प्राकृतिक रंग: ये वे रंग हैं जो हमें प्रकृति से प्राप्त होते हैं, जैसे कि पौधे, मिट्टी, खनिज और जीवों से।
    1. उदाहरण:
      • हल्दी से पीला रंग मिलता है।
      • पालक से हरा रंग प्राप्त होता है।
      • कुमकुम और लाल मिट्टी से लाल रंग बनता है।
      • नील (इंडिगो) पौधे से नीला रंग निकाला जाता है।
    2. उपयोग:
      • वस्त्रों और कपड़ों को रंगने के लिए।
      • चित्रकला और पारंपरिक कलाओं में।
      • भोजन में, जैसे हल्दी और चुकंदर के रंग का उपयोग।
      • सौंदर्य प्रसाधनों में, जैसे मेंहदी और सिंदूर।
  2. कृत्रिम रंग: ये वे रंग होते हैं जो रासायनिक प्रक्रियाओं द्वारा बनाए जाते हैं और विभिन्न औद्योगिक और व्यावसायिक उपयोगों में काम आते हैं।
    1. उदाहरण:
      • ऐक्रेलिक और पोस्टर रंग।

      • प्लास्टिक और कपड़ों को रंगने वाले डाई।

      • खाद्य पदार्थों में प्रयुक्त होने वाले फूड कलर।

      • सौंदर्य प्रसाधनों में इस्तेमाल किए जाने वाले रंग।

    2. उपयोग:
      • कपड़ा उद्योग में वस्त्रों को रंगने के लिए।
      • पेंट, प्लास्टिक और कागज उद्योग में।
      • खाद्य पदार्थों और पेय पदार्थों में।
      • सौंदर्य प्रसाधनों और सजावट की वस्तुओं में।

रंग हमारे जीवन में बहुत अहम भूमिका निभाते हैं। प्राकृतिक रंग पर्यावरण के अनुकूल और सुरक्षित होते हैं, जबकि कृत्रिम रंग अधिक चमकदार और लंबे समय तक टिकने वाले होते हैं, लेकिन कभी-कभी हानिकारक भी हो सकते हैं। इसलिए, हमें अपने उपयोग के आधार पर सही रंगों का चयन करना चाहिए। 

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पाठ 1.1: चित्र बोलते हैं - अंतःपाठ प्रश्न [पृष्ठ ३]

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पाठ 1.1 चित्र बोलते हैं
अंतःपाठ प्रश्न | Q ७. | पृष्ठ ३
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