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प्रश्न
रुधिर-आधान के समय किसी शिरा में, जहाँ दाब 2000 Pa है, एक सुई धँसाई जाती है। रुधिर के पात्र को किस ऊँचाई पर रखा जाना चाहिए ताकि शिरा में रक्त ठीक-ठीक प्रवेश कर सके। (संपूर्ण रुधिर का घनत्व = 1.06 × 103 kg m-3)
उत्तर
शिरा में रक्त दाब P = 2000 Pa, रक्त का घनत्व ρ = 1.06 × 103 kg m-3
माना कि रक्त के पात्र की सुई से ऊँचाई = h
रक्त के शिरा में ठीक-ठीक प्रवेश करने हेतु, h ऊँचाई वाले रक्त स्तम्भ का दाब, = शिरा में रक्त स्तम्भ के दाब के ठीक बराबर होना चाहिए।
अतः hρg = P ⇒ `"h" = "P"/(rho"g")`
∴ `"h" = (2000 "Pa")/(1.06 xx 10^3 "kg" "m"^-3 xx 9.8 "m" "s"^-2)`
= 0.192 m
= 19.2 cm
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