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प्रश्न
सांप्रदायवाद या सांप्रदायिकता क्या है?
दीर्घउत्तर
उत्तर
- सांप्रदायिकता या सांप्रदायवाद का अर्थ है-पहचान पर आधारित आक्रामक उग्रवाद। उग्रवाद एक ऐसी प्रवृत्ति है जो अपने ही समूह को वैध अथवा सर्वश्रेष्ठ मानती है तथा अन्य समूहों को निम्न, अवैध तथा
अपना विरोधी समझती है। - सांप्रदायिकता धर्म से जुड़ी एक आक्रामक राजनीतिक विचारधारा है।
- यह एक अनूठा भारतीय या संभवत: दक्षिण एशियाई अर्थ है जो साधारण अंग्रेज़ी शब्द के भाव से भिन्न
- अंग्रेजी भाषा में ‘कम्युनल’ (Communal) का अर्थ होता है – समुदाय अथवा सामूहिकता से जुड़ा हुआ, जो कि व्यक्तिवाद से भिन्न होता है। इस शब्द का अंग्रेज़ी अर्थ तटस्थ है जबकि दक्षिण एशियाई अर्थ प्रबल रूप से आवेशित है। • सांप्रदायिकता का सरोकार राजनीति से है, धर्म से नहीं। यद्यपि संप्रदायवादी धर्म के साथ गहन रूप से जुड़े होते हैं तथापि व्यक्तिगत विश्वास और संप्रदायवाद के बीच अनिवार्य रूप से कोई संबंध नहीं होता। एक संप्रदायवादी श्रद्धालु हो भी सकता है और नहीं भी हो सकता। इसी प्रकार से श्रद्धालु लोग संप्रदायवादी हो भी सकते हैं और नहीं भी हो सकते।
- संप्रदायवादी आक्रामक राजनीतिक पहचान बनाते हैं। और ऐसे प्रत्येक व्यक्ति की निंदा करने या उस पर आक्रमण करने के लिए तैयार रहते हैं, जो उनकी पहचान की साझेदारी नहीं करता।
- सांप्रदायिकता की एक प्रमुख विशेषता यह है कि यह अपनी धार्मिक पहचान के रास्ते में आने वाली हर चीज को रौंद डालता है। यह एक विशाल तथा विभिन्न प्रकार के सजातीय समूहों का निर्माण करता है।
- भारत में सांप्रदायिक दंगों के उदाहरण-सिख विरोधी दंगे 1984, गुजरात के दंगे इत्यादि।
- किंतु भारत में धार्मिक बहुलवाद की भी एक सुदीर्घ पंरपरा रही है। इसमें शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व से लेकर वास्तविक अंतर मिश्रण या समन्वयवाद शामिल है। यह समन्वयवादी विरासत भक्ति और सूफी आंदोलनों के भक्ति गीतों और काव्यों में स्पष्टतः दृष्टिगोचर होती है।
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