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प्रश्न
‘संसार में दब्बू और रीढ़रहित लोगों के लिए कोई स्थान नहीं है’, इसपर लगभग आठ से दस वाक्यों में अपने विचार लिखिए।
उत्तर
इस दुनिया को अक्सर बेहद कठोर, क्रूर, निर्मम व हृदयहीन माना जाता है। जब एक इंसान अन्याय के खिलाफ आवाज नहीं उठाए, तो उसे लगातार अन्याय का सामना करना पड़ता है। जो व्यक्ति न्याय की मांग के लिए खड़ा नहीं होता, उसे कभी न्याय नहीं मिल सकता। हर एक व्यक्ति को अपने अधिकारों के लिए बोलने और आवश्यकता पड़ने पर संघर्ष करने का अधिकार है, और यह उनका कर्तव्य भी है। अगर अधिकारों को बस यूं ही छोड़ दिया जाता है, तो इसे उस व्यक्ति की कमजोरी समझा जाएगा। ऐसे व्यक्ति का समाज के हर वर्ग द्वारा शोषण किया जाएगा। जो लोग अपने अधिकारों के प्रति सजग नहीं हैं, वे कभी भी सफलता प्राप्त नहीं कर सकते। हमारा संविधान भी अन्याय के विरुद्ध और अपने हक के लिए आवाज उठाने की बात कहता है। इसलिए, जो लोग संघर्ष करने में असमर्थ हैं या नहीं करते, वे न तो कभी सुखी रह सकते हैं और न ही अपने जीवन में सफल हो सकते हैं।
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