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प्रश्न
सौर पॅनलों को किस प्रकार से समायोजित कर आवश्यक विद्युत शक्ति कैसे प्राप्त की जाती हैं?
उत्तर
- अनेक सौर विद्युत सेलों को श्रेणी क्रम तथा समांतर क्रम में जोड़कर सौर पैनल तैयार किए जाते हैं।
- इस पद्धति से अपनी आवश्यकता के अनुसार भिन्न-भिन्न विभवांतर और विद्युत धारा उत्पन्न करने वाले सौर पैनल बनए जाते हैं।
- जब दो सौर विद्युत सेल श्रेणी क्रम से जोड़े जाते हैं तब उनसे प्राप्त होने वाला विभवांतर दोनों सौर विद्युत सेलों के विभवांतर के योगफल के बराबर होता है। परंतु श्रेणी क्रम में जोड़ने पर दोनों सौर विद्युत सेलों की विद्युत धारा का योगफल प्राप्त नहीं होता है।
- जब दोनो सौर विद्युत सेलों को समांतर क्रम में जोड़ा जाता है तब सेलों से प्राप्त होने वाली विद्युतधारा दोनो सेलों से प्राप्त होने वाली विद्युतधारा के योगफल के बराबर होती है। परंतु समांतर क्रम में जोड़ने पर सौर विद्युत सेलों के विभवांतर का योगफल प्राप्त नहीं होता है।
- अनेक सौर पैनलों को पुनः श्रेणीक्रम और समांतर क्रम पद्धति से जोड़कर आवश्यकता के अनुसार विद्युतधारा और विभवांतर प्राप्त की जा सकती है।
- अनेक सौर पैनलों को पुनः श्रेणीक्रम में जोड़कर स्ट्रिंग बनाया जाता है तथा अनेक स्ट्रिंग को समांतर क्रम में जोड़कर सौर अरेय (Solar Array) बनाया जाता है।
- इस प्रकार सौर विद्युत सेल से आवश्यकतानुसार विद्युत शक्ति प्राप्त की जा सकती है।
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