मराठी

शाम के समय ये क्या करते हैं? पता लगाइए और लिखिए- पक्षी खिलाड़ी फलवाले माँ पेड़-पौधे पिता जी किसान बच्चे - Hindi (हिंदी)

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प्रश्न

हिंदी के एक प्रसिद्ध कवि सुमित्रानंदन पंत ने संध्या का वर्णन इस प्रकार किया है-

संध्या का झुटपुट-

बाँसों का झुरमुट-

है चहक रहीं चिड़ियाँ

टी-वी-टी--टुट्-टुट्

• ऊपर दी गई कविता और सर्वेश्वरदयाल जी की कविता में आपको क्या मुख्य अंतर लगा? लिखिए।

टीपा लिहा

उत्तर

'सर्वेश्वरदयाल सक्सेना' जी द्वारा रचित कविता में संध्या कालीन दृश्य को किसान के माध्यम से प्रस्तुत किया गया है तथा 'सुमित्रानंदन पंत' जी ने अपनी कविता में संध्याकालीन दृश्य में पक्षियों के आवाज़ को प्रधानता दी है।

सर्वेश्वरदयाल सक्सेना जी द्वारा रचित कविता कल्पना प्रधान है परन्तु सुमित्रानंदन पंत जी की कविता में वास्तविकता की झलक देखने को मिलती है।

shaalaa.com
पद्य (Poetry) (Class 7)
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 8: शाम - एक किसान - कविता से आगे [पृष्ठ ६५]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Hindi - Vasant Part 2 Class 7
पाठ 8 शाम - एक किसान
कविता से आगे | Q 3 | पृष्ठ ६५

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(क) बहुत दिन हो गए, मन में कोई उमंग नहीं आई।

(ख) बहुत दिन हो गए, मन के भीतर कविता-सी कोई बात नहीं उठी, जिसमें छंद हो, लय हो।

(ग) बहुत दिन हो गए, गाने-गुनगुनाने का मन नहीं हुआ।

(घ) बहुत दिन हो गए, मन का दुख दूर नहीं हुआ और न मन में खुशी आई।


नीचे लिखी पंक्तियों में रेखांकित शब्दों को ध्यान से देखिए-

(क) घुटनों पर पड़ी है नदी चादर-सी

(ख) सिमटा बैठा है भेड़ों के गल्ले-सा

(ग) पानी का परदा-सामेरे आसपास था हिल रहा

(घ) मँडराता रहता था एक मरियल-सा कुत्ता आसपास

(ङ) दिल है छोटा-सा छोटी-सी आशा

(च) घास पर फुदकती नन्ही-सी चिड़िया

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