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प्रश्न
निम्नलिखित काव्य पंक्तियाँ पढ़कर सूचना के अनुसार कृतियाँ पूर्ण कीजिए:
शब्द, शब्द, शब्द, .... मेरे लिए सब अर्थहीन हैं यदि वे मेरे पास वैठकर तुम्हारे काँपते अधरों से नहीं निकलते शब्द, शब्द, शब्द, .... कर्म, स्वधर्म, निर्णय, दायित्व .... मैंने भी गली-गली सुने हैं ये शब्द अर्जुन ने इनमें चाहे कुछ भी पाया हो मैं इन्हें सुनकर कुछ भी नहीं पाती प्रिय, सिर्फ राह में ठिठककर तुम्हारे उन अधरें की कल्पना करती हूँ, जिनसे तुमने ये शब्द पहली बार कहे होंगे। |
- कृति पूर्ण कीजिए: (2)
कनुप्रिया को गली-गली सुनाई देने वाले शब्द -- ______
- ______
- ______
- ______
- निम्नलिखित शब्दों के लिए पद्यांश में प्रयुक्त पर्यायवाची शब्द लिखिए: (2)
- नज़दीक - ______
- प्यारा - ______
- रास्ता - ______
- काम - ______
- “कर्म का महत्त्व” इस विषय पर अपने विचार ४० से ५० शब्दों में लिखिए। (2)
आकलन
उत्तर
- कर्म
- स्वधर्म
- निर्णय
- दायित्व
-
- नज़दीक - पास
- प्यारा - प्रिय
- रास्ता - राह
- काम - कर्म
- कर्म जीवन का मूल आधार है। व्यक्ति के भविष्य का निर्माण उसके कर्मों पर निर्भर करता है। भगवद गीता में भी श्रीकृष्ण ने कहा है कि बिना फल की चिंता किए कर्म करना चाहिए। अच्छे कर्म न केवल आत्मसंतोष देते हैं, बल्कि समाज और राष्ट्र की उन्नति में भी सहायक होते हैं। कर्मशील व्यक्ति ही जीवन में सफलता प्राप्त करता है।
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या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?