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शिक्षित बेरोज़गारी भारत के लिए एक विशेष समस्या क्यों है? - Social Science (सामाजिक विज्ञान)

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प्रश्न

शिक्षित बेरोज़गारी भारत के लिए एक विशेष समस्या क्यों है?

थोडक्यात उत्तर

उत्तर

शिक्षित बेरोज़गारी शहरों में एक सामान्य परिघटना बन गई है। मैट्रिक, स्नातक, स्नातकोत्तर डिग्रीधारक अनेक युवा रोज़गार पाने में असमर्थ हैं। एक अध्ययन में यह बात सामने आई है कि मैट्रिक की अपेक्षा स्नातक एवं स्नातकोत्तर डिग्रीधारकों में बेरोज़गारी अधिक तेज़ी से बढ़ी है। एक विरोधाभासी जनशक्ति-स्थिति सामने आती है क्योंकि कुछ वर्गों में अतिशेष जनशक्ति अन्य क्षेत्रों में जनशक्ति की कमी के साथ-साथ विद्यमान है। एक ओर तकनीकी अर्हता प्राप्त लोगों में बेरोज़गारी व्याप्त है जबकि दूसरी ओर आर्थिक संवृद्धि के लिए जरूरी तकनीकी कौशल की कमी है। उपरोक्त के प्रकाश में हम कह सकते हैं कि शिक्षित बेराज़गारी भारत के लिए एक विशेष समस्या है।

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बेरोज़गारी
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पाठ 2: संसाधन के रूप में लोग - अभ्यास [पृष्ठ २७]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Social Science - Economics [Hindi] Class 9
पाठ 2 संसाधन के रूप में लोग
अभ्यास | Q 11. | पृष्ठ २७
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