मराठी

श्रीलंका के जातीय - संघर्ष में किनकी भूमिका प्रमुख है? - Political Science (राजनीति विज्ञान)

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

श्रीलंका के जातीय - संघर्ष में किनकी भूमिका प्रमुख है?

दीर्घउत्तर

उत्तर

श्रीलंका में जातीय - संघर्ष - श्रीलंका में स्वतंत्रता के बाद से ही जातीय संकट बना हुआ है और इसके कारण श्रीलंका को कई बार विकट संकटों तथा गृहयुद्ध की स्थिति का सामना भी करना पड़ा है। श्रीलंका में मुख्य जनसंख्या सिंहलियों की है, परन्तु जनसंख्या का एक भाग लगभग 18 प्रतिशत भरता मूल के तमिल लोगों का भी है जो स्वतंत्रता के पहले से ही वहाँ बसे हुए थे। और बाद में भी वहाँ जाकर बसते रहे। भारतीय मूल के निवासी मुख्य रूप से श्रीलंका के उत्तरी भाग में बसे हुए हैं श्रीलंका के मूल निवासियों का यह मानना है की श्रीलंका सिंहलियों का है तथा तमिल लोग वहाँ विदेशी हैं। स्वाभाविक है की शासन और राजनितिक पर बहुसंख्यक सिंहलियों का दबदबा है। दोनों समुदायों की भाषा तथा तौर तरीकों में भी अंतर् हैं। सिहली मुख्य रूप से बौद्ध धर्म के मानने वाले हैं और और तमिल लोग बौद्ध धर्म को नहीं मानते। जब श्रीलंका स्वतंत्र हुआ उद्देश्य था की एकात्मक शासन केंद्रित सरकार का समस्त श्रीलंका पर नियंत्रण रहेगा और वह सिंहलियों के हितों की रक्षा करेगी तथा तमिल लोगों को किसी प्रकार की सुविधा नहीं दी जाएगी। सिंहलियों का मानना है तमिल जन संख्या विदेश है और इन्हें सरकार तथा रजनीतिक संस्थाओ और सुविधाओं में अधिक भागीदारी का अधिकार नहीं है तमिल लोगों ने एकात्मक सरकार बनाए जाने का विरोध किया। तमिल लोगों की मूल जड़ें भारत में तमिलनाडु में है और व आशा तथा दावा करते हैं की भारत सरकार को उनके हितों की रक्षा के लिए आगे आना चाहिए तथा श्रीलंका पर दबाव डालकर यह समस्या समाप्त करवानी चाहिए। 1983 के बाद तमिल लोगों का अपने अधिकारों के लिए संघर्ष जरूरी हो गया जबकि तमिल जनसंख्या ने अपने लिए अलग राज्य 'तमिल ईलम' की माँग रखी और इसकी प्राप्ति के लिए तमिल ईलम स्वतंत्रता संगठन ने श्रीलंकाई सेनाओं के साथ सशस्त्र संघर्ष आरंभ कर दिया। इस संगठन ने कई बार श्रीलंकाई सेनाओं से टक्कर ली और शासन को अवरुद्ध बनाने के प्रयास किए। तमिलनडु ने नेताओं ने भी भारतीय सरकार पर दबाव बनाया की वह तमिल लोगों के हितों की रक्षा हेतु कदम सफलता प्राप्त नहीं कर सका और वहाँ की जनता तथा लिटटे दोनों ने ही कुछ समय बाद इसका विरोध किया तथा भारत सरकार को अपनी सेना वापस बुलानी पड़ी। श्रीलंका में आज तक इस संकट का कोई संतोषजनक हल नहीं निकल पाया। दूसरे देशों ने विशेष कर नर्वे ने दोनों में समझौता करवाने और शांति स्थापित करवाने के प्रयत्न किए हैं

shaalaa.com
श्रीलंका में जातीय संघर्ष और लोकतंत्र
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 5: समकालीन दक्षिण एशिया - प्रश्नावली [पृष्ठ ७९]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Political Science [Hindi] Class 12
पाठ 5 समकालीन दक्षिण एशिया
प्रश्नावली | Q 5. | पृष्ठ ७९
Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×