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प्रश्न
समय का बंधन सभी के लिए आवश्यक है। नाटक लिखने के लिए ‘समय के बंधन’ का औचित्य स्थापित कीजिए।
उत्तर
‘समय का बंधन’ नाटक की रचना प्रक्रिया पर पूरा प्रभाव डालता है। इसीलिए यह निश्चित किया जाता है कि नाटक निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा होना चाहिए। नाटक को वर्तमान काल में ही संयोजित करना होता है भले ही वह भतूकाल या भविष्यकाल की रचनाओं पर आधारित हों। काल चाहे कोई भी हो उसे एक विशेष समय में, एक विशेष स्थान पर वर्तमान काल में ही घटित होना होता है। साहित्य की अन्य विधाओं, कहानी, उपन्यास या कविता को पढ़ते या सुनते हुए हम बीच में रूक सकते हैं और कुछ समय बाद वहीं से शरूु कर सकते हैं परंतु नाटक के साथ ऐसा करना संभव नहीं है नाटककार को इस बात का ध्यान भी रखना होता है कि दर्शक कितनी देर तक किसी घटना को घटित होते हुए देख सकते हैं। नाटककार से अपेक्षा की जाती है कि नाटक के प्रत्येक अंक की अवधि कम से कम 48 मिनट की हो यही समय का बंधन कहलाता है।