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संदर्भ सहित आशय स्पष्ट करें - पिछले सुख की स्मृति आँखों मेंक्षण भर एक चमक है लाती,तुरत शून्य में गड़ वह चितवन,तीखी नोक सदृश बन जाती। - Hindi (Core)

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प्रश्न

संदर्भ सहित आशय स्पष्ट करें - 

पिछले सुख की स्मृति आँखों में
क्षण भर एक चमक है लाती,
तुरत शून्य में गड़ वह चितवन,
तीखी नोक सदृश बन जाती।

थोडक्यात उत्तर

उत्तर

संदर्भ - प्रस्तुत पंक्तियों की रचना ‘सुमित्रानंदन पंत’ द्वारा ‘वे आँखें’ कविता के अंतर्गत की गई है। इन पंक्तियों में कवि ने किसान की पीड़ाओं के साथ-साथ ग्रामीण समाज में स्त्रियों की दशा का भी वर्णन किया है।

आशय - अपने पिछले दिनों की यादें कृषक की आँखों में क्षणिक चमक लाती है पर तुरंत ही उस सुख के संसार के खोने का अहसास किसान की नज़रों को शून्य में गाड़ देता है। उसकी दृष्टि नुकीली चुभनदार बन जाती है। अर्थात् उसकी हर खुशी लुट चुकी है। उसे अपने खेत, बैल, पुत्र-पुत्री-पत्नी का बिछोह इतना सालता है कि उसकी सूनी आँखें शून्य में ताकती हुई निराशा से भरी रहती हैं।

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वे आँखें
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पाठ 2.04: वे आँखें - अभ्यास [पृष्ठ १५०]

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एनसीईआरटी Hindi - Aaroh Class 11
पाठ 2.04 वे आँखें
अभ्यास | Q 4. (ग) | पृष्ठ १५०

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