मराठी

स्पष्ट कीजिए कि कबीर खरी-खरी कहने वाले सच्चे समाज सुधारक थे। - Hindi Course - A

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

स्पष्ट कीजिए कि कबीर खरी-खरी कहने वाले सच्चे समाज सुधारक थे।

टीपा लिहा

उत्तर

कबीर ने तत्कालीन समाज में व्याप्त कुरीतियों और बुराइयों को अत्यंत निकट से देखा था। उन्होंने महसूस किया कि सांप्रदायिकता, धार्मिक कट्टरता, भक्ति का आडंबर, मूर्तिपूजा, ऊँच-नीच की भावना आदि प्रभु-भक्ति के मार्ग में बाधक हैं। उन्होंने ईश्वर की वाणी को जन-जन तक पहुँचाते हुए कहामोको केही ढूँढे बंदे मैं तो तेरे पास में। इसके अलावा ऊँचे कुल में जन्म लेकर महान कहलाने वालों के अभिमान पर चोट करते हुए कहा-‘सुबरन कलस सुरा भरा, साधू निंदा सोय’। इससे स्पष्ट होता है कि कबीर खरी-खरी कहने वाले सच्चे समाज-सुधारक थे।

shaalaa.com
पद्य (Poetry) (Class 9 A)
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 9: साखियाँ एवं सबद - अतिरिक्त प्रश्न

APPEARS IN

एनसीईआरटी Hindi - Kshitij Part 1 Class 9
पाठ 9 साखियाँ एवं सबद
अतिरिक्त प्रश्न | Q 11

संबंधित प्रश्‍न

ब्रजभूमि के प्रति कवि का प्रेम किन-किन रूपों में अभिव्यक्त हुआ है?


कविता की पहली दो पक्तियों को पढ़ने तथा विचार करने से आपके मन-मस्तिष्क में जो चित्र उभरता है उसे लिखकर व्यक्त कीजिए।


किस शासन की तुलना तम के प्रभाव से की गई है और क्यों?


ज्ञान की आँधी आने से पहले मनुष्य की स्थिति क्या थी? बाद में उसकी दशा में क्या-क्या बदलाव आया? पठित ‘सबद’ के आधार पर लिखिए।


‘बच्चे, बहुत छोटे बच्चे’ पंक्ति के आलोक में स्पष्ट कीजिए कि कवि किस बात पर हर देश चाहता है?


कवि ने गाँव को 'हरता जन मन' क्यों कहा है?


तितलियों के उड़ने से वातावरण पर क्या प्रभाव पड़ रहा है? इस दृश्य को देखकर कवि अनूठी कल्पना कर रहा है?


सरसों को 'सयानी' कहकर कवि क्या कहना चाहता होगा?


कवि ने पीपल को ही बड़ा बुज़र्ग क्यों कहा है? पता लगाइए।


मेघ आए कविता की भाषा सरल और सहज है - उदाहरण देकर स्पष्ट कीजिए।


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×