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प्रश्न
स्पष्ट कीजिए क्यों (अथवा कैसे) :
किसी ध्वनि तरंग में विस्थापन निस्पंद दाब प्रस्पंद होता है और विस्थापन प्रस्पंद दाब निस्पंद होता है।
उत्तर
ध्वनि तरंगों में जहाँ माध्यम के कणों का विस्थापन न्यूनतम (विस्थापन निस्पंद) होता है वहाँ कण अत्यधिक पास - पास होते हैं अर्थात् वहाँ दाब अधिकतम (दाब प्रस्पंद) होता है तथा जहाँ विस्थापन महत्तम (विस्थापन - प्रस्पंद) होता है वहाँ कण दूर-दूर होते हैं अर्थात् वहाँ दाब न्यूनतम (दाब निस्पंद) होता है।
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y = 2 cos (3x) sin 10 t
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`"y" = 2sqrt(x - nu"t")`
नीचे किसी प्रत्यास्थ तरंग (अनुप्रस्थ अथवा अनुदैर्घ्य) के विस्थापन को निरूपित करने वाले x तथा t के फलन दिए गए हैं। यह बताइए कि इनमें से कौन (i) प्रगामी तरंग को, (ii) अप्रगामी तरंग को, (iii) इनमें से किसी भी तरंग को निरूपित नहीं करता है-
y = 3 sin (5x - 0.5 t) + 4 cos (5x - 0.5 t)
नीचे किसी प्रत्यास्थ तरंग (अनुप्रस्थ अथवा अनुदैर्घ्य) के विस्थापन को निरूपित करने वाले x तथा t के फलन दिए गए हैं। यह बताइए कि इनमें से कौन (i) प्रगामी तरंग को, (ii) अप्रगामी तरंग को, (iii) इनमें से किसी भी तरंग को निरूपित नहीं करता है-
y = cos x sint + cos 2x sin 2t