मराठी

स्पष्ट कीजिए क्यों काँच के स्वच्छ समतल पृष्ठ पर जल फैलने का प्रयास करता है जबकि पारा उसी पृष्ठ पर बूंदें बनाने का प्रयास करता है। - Physics (भौतिक विज्ञान)

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

स्पष्ट कीजिए क्यों

काँच के स्वच्छ समतल पृष्ठ पर जल फैलने का प्रयास करता है जबकि पारा उसी पृष्ठ पर बूंदें बनाने का प्रयास करता है। (दूसरे शब्दों में जल काँच को गीला कर देता है जबकि पारा ऐसा नहीं करता है।)

थोडक्यात उत्तर

उत्तर

पारे के अणुओं के बीच ससंजक बल, पारे व काँच के अणुओं के बीच आसंजक बल से अधिक होता है, इस कारण काँच व पारे का स्पर्श कोण अधिक कोण होता है। इसके विपरीत जल के अणुओं के बीच ससंजक बल, काँच व जल के अणुओं के बीच आसंजक बल से कम होता है, इस कारण जल तथा काँच के बीच स्पर्श कोण न्यूनकोण होता है। 

shaalaa.com
दाब - दाब का परिचय
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 10: तरलों के यांत्रिक गुण - अभ्यास [पृष्ठ २८२]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Physics [Hindi] Class 11
पाठ 10 तरलों के यांत्रिक गुण
अभ्यास | Q 10.2 (b) | पृष्ठ २८२
Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×